चमोली ,30 जनवरी (आरएनएस)। बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम के कपाट खुलने से पहले श्रद्धालुओं के लिए नए नियम बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (क्च्यञ्जष्ट) जल्द ही इस मुद्दे पर बैठक करेगी और नियमों को अंतिम रूप देगी।
मोबाइल फोन पर सख्त रोक
क्च्यञ्जष्ट के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने एक निजी समाचार पत्र के साथ बातचीत में बताया कि मंदिर परिसर में मोबाइल फोन ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति फोन लेकर घूमता मिला, तो उसका मोबाइल जब्त किया जाएगा और उस पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। यह बैन उन लोगों के कारण लगाया जा रहा है, जो मंदिर परिसर में ब्लॉगिंग या वीडियो बनाते हैं। समिति के अनुसार, देश के कई बड़े मंदिरों में पहले से ऐसे नियम लागू हैं और अब बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम में भी इन्हीं नियमों को अपनाया जाएगा।
गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक का प्रस्ताव
मंदिर समिति ने प्रस्ताव तैयार किया है कि बद्रीनाथ और केदारनाथ समेत अपने अंतर्गत आने वाले सभी मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाई जाए।
ब्लॉगिंग और फोटोग्राफी पर प्रतिबंध
धामों के परिसर में अब किसी भी तरह की ब्लॉगिंग या वीडियोग्राफी नहीं की जा सकेगी। ब्लॉगिंग करने के लिए क्च्यञ्जष्ट या स्थानीय डीएम से विशेष अनुमति लेना जरूरी होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना या समिति द्वारा अन्य कार्रवाई की जाएगी।
परिसर में लॉकर सुविधा
श्रद्धालुओं के लिए परिसर में सामान रखने हेतु लॉकर की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। समिति अभी तय कर रही है कि लॉकर का उपयोग मुफ्त होगा या चार्ज लगेगा।
धामों में सीमा क्षेत्र
क्च्यञ्जष्ट ने बताया कि मंदिर परिसर के भीतर एक सीमा क्षेत्र तय किया जाएगा। इस बॉर्डर लाइन के बाद किसी भी तरह की वीडियोग्राफी या फोटोग्राफी सख्त मनाही होगी। सीमा क्षेत्र में प्रवेश से पहले चेकिंग भी की जा सकती है।
मंदिर समिति का कहना है कि नए नियम श्रद्धालुओं की सुविधा और मंदिर की पवित्रता बनाए रखने के लिए जरूरी हैं। समिति ने यह भी कहा कि नियमों का पालन करना सभी श्रद्धालुओं की जिम्मेदारी होगी, ताकि दोनों धामों में शांति और अनुशासन बना रहे।
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