नई दिल्ली , 30 जनवरी (आरएनएस)। इंडियन ट्रस्ट फॉर रूरल हेरिटेज एंड डेवलपमेंट (आईटीआरएचडी) ने शुक्रवार को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर नई दिल्ली स्थित वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण पर्यटन दिवस मनाया और राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि अर्पित की। यह वार्षिक आयोजन गांधीवादी ग्राम-स्वावलंबन के आदर्शों पर आधारित सतत ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया जाता है। कार्यक्रम में आईटीआरएचडी के चेयरमैन एस.के. मिश्रा, कृषि पर्यटन के प्रणेता पांडुरंग तावरे, वास्तुकार एवं शहरी नियोजक ए.जी. कृष्णन मेनन तथा विकास क्षेत्र की विशेषज्ञ मॉरीन लिबेल उपस्थित रहीं। भारत में कृषि पर्यटन अवधारणा के जनक माने जाने वाले पांडुरंग तावरे इस अवसर पर मुख्य अतिथि थे।
आईटीआरएचडी द्वारा 30 जनवरी को ग्रामीण पर्यटन दिवस के रूप में मनाया जाता है, ताकि विरासत पर्यटन, पारंपरिक शिल्प और समुदाय आधारित पहलों के माध्यम से ग्रामीण भारत की आर्थिक और सांस्कृतिक संभावनाओं को रेखांकित किया जा सके। यह दिन महात्मा गांधी की पुण्यतिथि होने के साथ-साथ इस विश्वास को भी मजबूत करता है कि भारत की वास्तविक शक्ति उसके गांवों में निहित है। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय रोज़गार सृजन, पलायन में कमी, महिलाओं और युवाओं को सशक्त बनाना तथा पारंपरिक कौशल और विरासत का संरक्षण करना है। अपने उद्घाटन संबोधन में एस.के. मिश्रा ने विकास के साथ-साथ ग्रामीण विरासत के संरक्षण की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। उन्होंने नवंबर 2025 में आयोजित ग्रामीण बौद्ध विरासत के संरक्षण पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उल्लेख किया, जिसमें प्रशिक्षण, समन्वित संरक्षण योजना और समुदाय क्षमता निर्माण पर केंद्रित देश की पहली समर्पित अकादमी की परिकल्पना की गई थी। कार्यक्रम का समापन आईटीआरएचडी द्वारा ग्रामीण पर्यटन और कृषि पर्यटन को सतत आजीविका, विरासत संरक्षण और महात्मा गांधी के आत्मनिर्भर गांवों के दृष्टिकोण को साकार करने के प्रभावी माध्यम के रूप में आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता के पुनः दोहराव के साथ हुआ।
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