नईदिल्ली,31 जनवरी। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को यूनियन बजट 2026 पेश करेंगी. इस बार बजट को लेकर निवेशकों में खास उत्साह है, क्योंकि यह दिन रविवार को पड़ रहा है. आमतौर पर शनिवार और रविवार को शेयर बाजार बंद रहते हैं, ऐसे में निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या 1 फरवरी को बीएसई और एनएसई में ट्रेडिंग होगी या नहीं. साथ ही, अगर बाजार खुला रहा तो सेटलमेंट के नियम क्या होंगे, इसे लेकर भी भ्रम की स्थिति बनी हुई है.
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ने साफ कर दिया है कि यूनियन बजट 2026 के दिन शेयर बाजार पूरी तरह खुला रहेगा. रविवार होने के बावजूद इस दिन विशेष ट्रेडिंग सत्र आयोजित किया जाएगा. बाजार सामान्य समय के अनुसार ही चलेगा.
सुबह 9:00 बजे प्री-ओपन सेशन शुरू होगा और 9:15 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक नियमित ट्रेडिंग होगी. वित्त मंत्री सुबह 11 बजे बजट पेश करेंगी, जिसके दौरान बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.
हालांकि बाजार खुला रहेगा, लेकिन 1 फरवरी को सेटलमेंट हॉलिडे रहेगा. इसका मतलब यह है कि उस दिन की गई ट्रेडिंग का सेटलमेंट उसी दिन नहीं होगा. अगर किसी निवेशक ने शुक्रवार, 30 जनवरी को शेयर खरीदे हैं, तो वे उन्हें 1 फरवरी को बेच नहीं पाएंगे. इसी तरह, बजट के दिन खरीदे गए शेयर सोमवार, 2 फरवरी को भी नहीं बेचे जा सकेंगे. सभी सौदों का सेटलमेंट अगले कार्यदिवस में किया जाएगा.
बैंकों और क्लियरिंग हाउस में छुट्टी होने के कारण पैसे और शेयरों का ट्रांसफर आगे के दिन होगा. इस दिन टी +0 सेटलमेंट की सुविधा भी उपलब्ध नहीं रहेगी. शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स के लिए यह नियम समझना बेहद जरूरी है.
बजट के दिन केवल शेयर बाजार ही नहीं, बल्कि कमोडिटी मार्केट भी खुला रहेगा. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ने घोषणा की है कि 1 फरवरी को सुबह के सत्र में ट्रेडिंग होगी. इससे सोना, चांदी और अन्य कमोडिटी में भी बजट के असर को तुरंत देखा जा सकेगा.
बजट का दिन हमेशा से शेयर बाजार के लिए अहम रहा है. पिछले कई वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि बजट वाले दिन बाजार में अक्सर 1 फीसदी या उससे ज्यादा की चाल देखने को मिलती है. टैक्स में बदलाव, सरकारी खर्च और नीतिगत घोषणाएं सीधे तौर पर कंपनियों और सेक्टरों को प्रभावित करती हैं. इस बार बजट से पहले ही बाजार दबाव में रहा है और सेंसेक्स-निफ्टी में गिरावट देखी गई है, ऐसे में निवेशक और ज्यादा सतर्क नजर आ रहे हैं.
ब्रोकरेज रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार कैपेक्स बढ़ाने पर जोर दे सकती है. डिफेंस सेक्टर, रेलवे, रिन्यूएबल एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े शेयर चर्चा में रह सकते हैं. पीएलआई स्कीम और टैक्स राहत से जुड़े ऐलान भी बाजार की दिशा तय कर सकते हैं.
विशेषज्ञों का मानना है कि बजट डे ट्रेडिंग में मौके भी होते हैं और जोखिम भी. तेज उतार-चढ़ाव के कारण शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स को नुकसान हो सकता है. वहीं, लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए बजट के बाद स्थिति साफ होने का इंतजार करना बेहतर माना जाता है.
1 फरवरी को बाजार खुला रहेगा, लेकिन सेटलमेंट नियम अलग होंगे. इसलिए कोई भी फैसला लेने से पहले इन नियमों को समझना जरूरी है, ताकि बजट के दिन की बड़ी हलचल में नुकसान से बचा जा सके.
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