नईदिल्ली,31 जनवरी। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को बजट पेश करने जा रही हैं। ये उनका लगातार 9वां बजट होगा। आम आदमी से लेकर नौकरीपेशा और किसानों समेत तमाम वर्गों की बजट से बड़ी उम्मीदे हैं। ऐसे में संभव है कि वित्त मंत्री इनकम टैक्स, किसान सम्मान निधि, नई ट्रेनों और क्रिप्टोकरेंसी पर टैक्स को लेकर बड़ी घोषणाएं करें। आइए जानते हैं बजट में क्या संभावित घोषणाएं हो सकती हैं।
कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि बजट में मानक कटौती की सीमा 75,000 से बढ़ाकर एक लाख रुपये की जा सकती है। इससे नौकरीपेशा लोगों को 13 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। अभी ये सीमा 12.75 लाख रुपये है। वर्तमान में 12 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगता है और 75,000 रुपये मानक कटौती का भी फायदा मिलता है।
फिलहाल वर्चुअल डिजिटल एसेट्स या क्रिप्टोकरेंसी के लेनदेन पर इनकम टैक्स अधिनियम की धारा 115बीबीएच के तहत 30 प्रतिशत टैक्स लगता है। इसके अलावा सरचार्ज और सेस अलग से है। मौजूदा नियमों में वीडीए लेनदेन से होने वाले नुकसान को दूसरे वीडीए से होने वाले मुनाफे के साथ एडजस्ट करने की अनुमति भी नहीं है और न ही इन्हें अगले सालों के लिए बढ़ाया जा सकता है। क्रिप्टो पर 1 प्रतिशत टीडीएस को घटाकर 0.01 प्रतिशत किया जा सकता है।
खबरें हैं कि सरकार प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना की राशि 6,000 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये कर सकती है। लंबे समय से इसकी मांग हो रही है और पिछले बजट में भी चर्चाएं थीं, लेकिन ऐलान नहीं हुआ। 2024 में संसदीय समिति ने भी राशि को 12,000 रुपये करने की सिफारिश की थी। करीब 11 करोड़ किसानों का इसका फायदा मिलेगा। हालांकि, सरकार पर अतिरिक्त 30,000 करोड़ रुपये का बोझ पड़ सकता है।
सरकार ने 2030 तक ट्रेनों के आरक्षण से वेटिंग खत्म करना का लक्ष्य रखा है। इसे देखते हुए चर्चाएं हैं कि बजट में करीब 300 अमृत भारत और वंदे भारत ट्रेनों का ऐलान हो सकता है। रेलवे के करोड़ों यात्रियों को इसका फायदा होगा। खासतौर पर त्योहारी सीजन के दौरान घर जाने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। पिछले बजट में भी रेलवे को सबसे बड़ा हिस्सा दिया गया था।
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत 2 किलोवाट तक के सोलर सिस्टम पर सब्सिडी को 30,000 रुपये प्रति किलोवाट से बढ़ाकर 40,000 रुपये किया जा सकता है। आयुष्मान भारत योजना का दायरा बढ़ाया जा सकता है। फिलहाल 70 साल से ज्यादा उम्र के सभी बुजुर्ग योजना के दायरे में आते हैं। इसे कम कर 60 साल किया जा सकता है। सालाना मुफ्त इलाज की लिमिट भी बढ़ाई जा सकती है।
सैंक्टम वेल्थ के निवेश उत्पादों के प्रमुख आलेख यादव ने कहा, सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक दोनों ने कंजम्पशन और आर्थिक गतिविधि को बढ़ावा देने के लिए पर्सनल इनकम टैक्स में कटौती, जीएसटी को आसान बनाने, 8वें वेतन आयोग और ब्याज दर में कटौती जैसे उपाय पहले ही लागू कर दिए हैं। सरकार बजट में राजकोषीय मजबूती की योजना पर कायम रहेगी और उसके पास किसी भी अतिरिक्त उपाय के लिए ज्यादा गुंजाइश नहीं होगी। इसलिए, बड़ी घोषणा की उम्मीद नहीं है।
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