-राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह में योगी सरकार की नीतियों के तहत कार्रवाई
-सड़क दुर्घटनाओं में मौतों की संख्या कम करने को चलाया गया था अभियान
अयोध्या ,31 जनवरी (आरएनएस)। योगी सरकार की सख्त नीतियों और निर्देशों के परिणामस्वरूप राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत अयोध्या मंडल में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की गई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश भर में जनवरी 2026 को Óरो फेटेलिटी माहÓ के रूप में मनाया गया है, जिसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को शून्य तक लाना है। इसी अभियान के तहत पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीमें सड़कों पर सक्रिय रहीं, जिससे एक माह में ही ओवरस्पीडिंग पर 167 और बिना हेलमेट के 2753 चालान कट चुके हैं।
योगी सरकार की सड़क सुरक्षा नीतियां, जैसे नो हेलमेट, नो फ्यूल कैंपेन, हेलमेट अनिवार्यता (पिलियन राइडर सहित), सीट बेल्ट और स्पीड लिमिट का सख्त पालन, ड्रंकन ड्राइविंग पर रो टॉलरेंस और डिजिटल मॉनिटरिंग के साथ जागरूकता अभियान ने पूरे उत्तर प्रदेश में ट्रैफिक नियमों का पालन बढ़ाया है। पिछले सालों की तुलना में चालानों में कमी आई है, लेकिन नियम तोडऩे वालों पर लगातार कार्रवाई से सुरक्षा मानकों में सुधार हो रहा है। उप परिवहन आयुक्त राज कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा अभियान के तहत आगे भी नियमित रूप से चेकिंग जारी रहेगी और नियम तोडऩे वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अयोध्या में ओवरस्पीडिंग के 159 मामलों में 57 चालान किए गए और 0.02 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। गलत दिशा में वाहन चलाने पर 113 चालान हुए। मोबाइल फोन प्रयोग के 93 मामलों में कार्रवाई हुई, जबकि ड्रंकन ड्राइविंग में 52 वाहन चालकों को पकड़ा गया। बिना हेलमेट 882 मामलों में चालान काटे गए और सीट बेल्ट न लगाने पर 310 वाहनों की जांच में 212 चालान हुए, जिससे 0.37 लाख रुपये वसूले गए। अम्बेडकरनगर में ओवरस्पीडिंग के 154 मामलों में 12 चालान, गलत दिशा में 17 मामलों में 0.11 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया, मोबाइल फोन प्रयोग के 35, बिना हेलमेट 270 चालान और ड्रंकन ड्राइविंग के 42 मामलों में कार्रवाई दर्ज की गई। अमेठी में ओवरस्पीडिंग के 35, गलत दिशा में 10, मोबाइल फोन में तीन, बिना हेलमेट 717 और ड्रंकन ड्राइविंग में 12 मामलों में चालान किए गए। बाराबंकी में ओवरस्पीडिंग के 122 मामलों में 24 चालान हुए। मोबाइल फोन प्रयोग के 27 मामलों में कार्रवाई हुई। बिना हेलमेट 272 चालानों से 0.33 लाख रुपये और सीट बेल्ट के 74 मामलों में 0.26 लाख रुपये वसूला गया। सुल्तानपुर में सबसे अधिक कार्रवाई की गई। यहां ओवरस्पीडिंग के 95 मामलों में 39 चालान कर 12.1 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया। गलत दिशा में 52 मामलों में 38 चालान, मोबाइल फोन प्रयोग के 152 मामलों में 106 चालान और ड्रंकन ड्राइविंग में 22 चालान किए गए। बिना हेलमेट 970 मामलों में 612 चालान और सीट बेल्ट के 272 मामलों में 199 चालान कर 1.83 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया।
उप परिवहन आयुक्त राज कुमार ने बताया कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। योगी सरकार का फोकस 4-ई मॉडल (शिक्षा, प्रवर्तन, इंनियरिंग और आपातकालीन देखभाल) पर है, जिसमें जागरूकता, सख्त प्रवर्तन और हाई-रिस्क कॉरिडोर पर विशेष निगरानी शामिल है। यह कार्रवाई सीएम योगी की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है जिसमें उन्होंने जनता को योगी की पाती के माध्यम से अपील की थी कि लापरवाही छोड़ें, वन बचाएं। नियमों का पालन करके ही हम रो फेटेलिटी के लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं। योगी सरकार की ये नीतियां न केवल चालान काटने तक सीमित हैं, बल्कि प्रदेश की सड़कों को सुरक्षित बनाने और हर परिवार की रक्षा करने का संकल्प हैं।
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