लखनऊ,31 जनवरी (आरएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संत शिरोमणि सतगुरु रविदास महाराज की जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि संत रविदास के विचार कालातीत, सार्वभौमिक और समाज को सही दिशा देने वाले हैं। उन्होंने अपनी वाणी और कर्म के माध्यम से सामाजिक समरसता, समानता और मानवीय गरिमा जैसे मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाया। सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध उनके विचार आज भी समाज को जागृत करने और प्रेरणा देने का कार्य कर रहे हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उत्तर प्रदेश के लिए गौरव का विषय है कि संत रविदास की जन्मस्थली सीर गोवर्धन, प्राचीन और सांस्कृतिक नगरी काशी में स्थित है। काशी की इस पावन भूमि ने भारत की संत परंपरा को नई चेतना और वैचारिक ऊर्जा प्रदान की है। संत रविदास का प्रसिद्ध कथन ‘मन चंगा तो कठौती में गंगाÓ आंतरिक पवित्रता, नैतिकता और आत्मशुद्धि के भाव को अत्यंत सरल और प्रभावी रूप में व्यक्त करता है, जो आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक है।मुख्यमंत्री ने कहा कि माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर ही संत रविदास का जन्म हुआ था, जिससे यह तिथि आध्यात्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष महत्व रखती है। इस अवसर पर प्रयागराज में त्रिवेणी संगम सहित पवित्र नदियों में स्नान और दान का विशेष महत्व है, जो आत्मिक शुद्धि और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक माना जाता है।मुख्यमंत्री ने प्रयागराज में आयोजित सुव्यवस्थित माघ मेला का उल्लेख करते हुए कहा कि यह समरसता, आस्था और भारतीय आध्यात्मिक परंपरा का अद्वितीय संगम है। माघ मेला करोड़ों श्रद्धालुओं को जोडऩे वाला सामुदायिक समरसता का महापर्व है, जहां देश-विदेश से आए श्रद्धालु साधना, सेवा और आत्मिक शुद्धि के भाव से पवित्र स्नान कर रहे हैं। इस महापर्व में सभी जाति और समुदाय के लोग एक साथ आस्था, समानता और सद्भाव का अनुभव करते हैं।मुख्यमंत्री ने माघ पूर्णिमा के अवसर पर संगम में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं और कल्पवासियों के सुख, स्वास्थ्य और मंगलमय जीवन की कामना की। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि पवित्र स्नान और धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान स्वच्छता, अनुशासन और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि आस्था का यह महापर्व सुरक्षित, सुव्यवस्थित, समरस और सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हो सके।
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