लखनऊ,31 जनवरी (आरएनएस)। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार तथा उत्तर प्रदेश राज्य सरकार के निर्देशों के क्रम में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों एवं लघु व्यापारियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना और राष्ट्रीय पेंशन योजना लघु व्यापारियों/ट्रेडर्स के अंतर्गत राष्ट्रीय विशेष पंजीयन अभियान चलाया जा रहा है। यह जानकारी श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, उत्तर प्रदेश शासन और राज्य सामाजिक सुरक्षा बोर्ड द्वारा जारी पत्रों के माध्यम से दी गई है।अभियान के अंतर्गत पात्र असंगठित श्रमिकों एवं स्व-नियोजित व्यापारियों का डंदकींद पोर्टल पर पंजीयन कर उन्हें वृद्धावस्था में नियमित पेंशन की सुविधा प्रदान की जाएगी। अभियान दो चरणों में संचालित होगा। प्रथम चरण शहरी क्षेत्रों में 15 जनवरी 2026 से 15 फरवरी 2026 तक तथा द्वितीय चरण ग्रामीण क्षेत्रों में 16 फरवरी 2026 से 15 मार्च 2026 तक चलेगा।प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना के अंतर्गत पंजीयन के लिए पात्रता की शर्तें इस प्रकार हैं: आयु 18 से 40 वर्ष, मासिक आय 15,000 रुपये या उससे कम, ईपीएफ, ईएसआईसी या नई पेंशन योजना के सदस्य न होना और आयकरदाता न होना। इसमें रिक्शा चालक, फेरीवाले, घरेलू कामगार, खेतिहर श्रमिक, निर्माण श्रमिक, ईंट-भ_ा कामगार, मोची, कूड़ा बीनने वाले, धोबी, बीड़ी मजदूर, हथकरघा एवं चमड़ा कामगार, ऑडियो-विजुअल क्षेत्र से जुड़े श्रमिक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, मनरेगा श्रमिक और अन्य असंगठित क्षेत्र के श्रमिक शामिल हैं।इसी प्रकार स्व-नियोजित व्यापारी, जैसे दुकान मालिक, खुदरा व्यापारी, चावल मिल, तेल मिल, वर्कशॉप मालिक, कमीशन एजेंट, छोटे रियल एस्टेट एजेंट, छोटे होटल और रेस्टोरेंट के मालिक तथा अन्य लघु व्यापारी जिनका वार्षिक टर्नओवर 1.5 करोड़ रुपये से कम है, वे प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मानधन योजना/राष्ट्रीय पेंशन योजनादृट्रेडर्स के तहत पंजीयन कर सकते हैं।योजना के तहत आयु वर्ग के अनुसार 55 रुपये से 200 रुपये तक का मासिक स्वैच्छिक अंशदान करने पर 60 वर्ष की आयु पूरी होने के पश्चात लाभार्थी को 3,000 रुपये प्रतिमाह न्यूनतम पेंशन प्रदान की जाएगी। पेंशनधारक की मृत्यु की स्थिति में उनके पति या पत्नी को 50 प्रतिशत पारिवारिक पेंशन देने का प्रावधान भी है।अभियान अवधि में जनपद स्तर पर कैम्प और शिविर आयोजित कर योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा तथा जन सुविधा केंद्रों के माध्यम से शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त इच्छुक श्रमिक और व्यापारी स्वयं ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी पंजीयन कर सकते हैं।पंजीयन के लिए आवेदक का आधार कार्ड, बैंक बचत खाता, मोबाइल नंबर और नामिनी के लिए परिवार सदस्य का आधार कार्ड अनिवार्य होगा।अपर श्रमायुक्त, लखनऊ क्षेत्र, कल्पना श्रीवास्तव ने सभी पात्र श्रमिकों और व्यापारियों से अपील की है कि वे इस राष्ट्रीय विशेष अभियान का लाभ उठाते हुए समयबद्ध रूप से पंजीयन कराकर अपने वृद्धावस्था भविष्य को सुरक्षित करें।
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