बेगमपुरा जैसा राष्ट्र का स्थापत्य है आजाद समाज पार्टी का मुख्य लक्ष्य
प्रयागराज,31 जनवरी (आरएनएस)। सन्त शिरोमणि गुरू रैदास ने युगों-युगों तक अपने विचारों और शिक्षाओं से लाखों लोगों का मार्गदर्शन किया और प्रेरणा दी। उन्होंने जीवन पर्यन्त समतामूलक समाज के निर्माण के लिए कार्य किया। इसी कारण उन्हें सामाजिक क्रांति का अग्रदूत के रूप में याद किया जाता है। सन्त शिरोमणि गुरू रैदास (जन्म माघी पूर्णिमा) की जयंती के पवन अवसर पर आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के तत्वावधान में आज 01 फरवरी को पूर्वाह्न 10 बजे से यमुनापार की तहसील बारा के विकास खण्ड जसरा के परिसर में सन्त रैदास के समर्थक एकत्रित होकर पहले गौहनिया बाजार उसके बाद जसरा बाजार तक भव्य शोभायात्रा निकाल कर अपने उद्गम स्थल जसरा ब्लाक पहुंचकर संत सम्मेलन कर सादगीपूर्ण ढंग से कार्यक्रम का समापन किया जाएगा।
शोभायात्रा के मुख्य संयोजक उच्च न्यायालय के अधिवक्ता सदस्य आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) आईपी रामबृज ने बताया कि मध्यकाल में देश में ऊँच-नीच, भेदभाव, जाति- पाति, धर्मभेद, मतांतरण, धर्मांतरण, छुआछूत का बोल-बाला था। सन्त शिरोमणि गुरू रैदास ने समाज में फैली कुरीतियों, बुराइयों को दूर करने के लिए भूली भटकी मानवता को जीवन का सच्चा रास्ता दिखाया। गुरू रैदास ने अपना सारा जीवन पिछड़ों व दबे लोगों को उद्धार किया जिससे गरीब लोगों का मनोबल बढ़ा।
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