कुशीनगर, 31 जनवरी (आरएनएस)। जनपद के हेतिमपुर गंडक नदी में बाढ़ आपदा से बचाव के लिए आपदा राहत टीम व एनडीआरफ और अन्य संस्थाओं द्वारा मोबलाइजेशन ड्रिल का अभ्यास किया गया।
शुक्रवार को 11वीं बटालियन एनडीआरएफ के उप महानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में एनडीआरफ गोरखपुर के निरीक्षक धीरेन्द्र सिंह के नेतृत्व में छोटी गंडक में 5 तरह की आपदाओं पर मोबलाइजेशन ड्रिल अपर जिलाधिकारी की उपस्थिति में मॉकड्रिल के निर्माणाधीन तटबंध पर संपन्न हुई। जिसमें जिला प्रशासन व एनडीआरएफ ने प्रतिभाग किया। इस मॉकड्रिल का संचालन निरीक्षक धीरेंद्र सिंह समन्वय आपदा विशेषज्ञ रवि कुमार राय ने किया। एनडीआरएफ के जवानों ने 1 बजे पहली ड्रिल प्रारंभ की। जिसमें दर्शाया गया की एक नाव बोट पलटने को दर्शाया ऐसी स्थिति में तुरंत सहायता करने एनडीआरएफ की टीम एक बोट द्वारा वहां पहुंचती है और दो जवान उन डूबते लोगों को बचाते है। इसके उपरांत उन्हें मेडिकल स्वास्थ्य प्राथमिक चिकित्सा दी जाती है। इस ड्रिल में डूबते व्यक्ति को कैसे बचाना है व उन्हे कैसे सीपीआर देना है। सीपीआर का वैज्ञानिक तरीके के साथ घरेलू उपकरण की सहायता से बचाव के गुण सिखाए गए। इसी तरह नदी में डूबे एक व्यक्ति की खोज एनडीआरएफ के गोताखोरों द्वारा की जाती है। चौथे दृश्य में एक सिविल बोट क्षमता से अधिक यात्रियों को ले जाते वक्त दुर्घटना का शिकार हो जाती है तब एनडीआरएफ के जवानों द्वारा त्वरित सहायता उपलब्ध कराकर डूबते व्यक्तियों को बचाया जाता है । इसके उपरांत नदी में डूब रहे एक व्यक्ति का जवानों द्वारा सफलता पूर्वक रेस्क्यू की। नदी में एनडीआरएफ के जवानों द्वारा ग्रामीणों को घरेलू सामानों का उपयोग कर लाइफ जैकेट बनाने और जान बचाने की भी जानकारी दी गयी। इस अवसर पर कसया तहसीलदार धर्मवीर सिंह ने बताया कि जनपद के यह क्षेत्र बाढ़ आपदा से प्रभावित है। इसलिए ग्रामीणों को बाढ़ आने से पूर्व जान माल की रक्षा का प्रशिक्षण देने का उद्देश्य आपदा के समय स्वयं को सुरक्षित कर पायेंगे। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी कसया संतराज सिंह, लेखपाल रतन मंजरी गुप्ता, एन डी आर एफ के उपनिरीक्षक सहित 30 जवान व सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
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