कुशीनगर, 31 जनवरी (आरएनएस)। जनपद में गोवर्धन परियोजना के अंतर्गत निर्मित बायोगैस प्लांट की क्रियाशीलता को लेकर जिलाधिकारी महेन्द्र सिंह तंवर ने संबंधित संस्था को कड़ी चेतावनी दिया है। जिलाधिकारी ने बायोगैस प्लांट में पाई गई सभी तकनीकी एवं कार्यात्मक कमियों को एक सप्ताह के भीतर दूर कर प्लांट को पूर्ण रूप से संचालित किया जाय अन्यथा संबंधित फर्म के विरुद्ध प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
जिला स्वच्छता समिति की बीते 08 जनवरी की बैठक में यह तथ्य सामने आया कि गोवर्धन परियोजना के अंतर्गत निर्मित बायोगैस प्लांट विभिन्न कमियों के कारण वर्तमान में अक्रियाशील है। इस संबंध में जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा पूर्व में संबंधित फर्म को बैठक में उपस्थित होकर पक्ष रखने हेतु आमंत्रित किया गया था, परंतु फर्म के प्रतिनिधि बैठक में उपस्थित नहीं हुए। पूर्व में गठित जांच समिति की रिपोर्ट में बायोगैस प्लांट में कई गंभीर तकनीकी खामियों का उल्लेख किया गया है। जिनमें बायोगैस प्लांट के आउटलेट से स्लरी निकलने में अवरोध, गैस होल्डर डोम का असंतुलन, गैस क्लीनिंग सिस्टम का खराब होना, पुराने जनरेटर का उपयोग तथा निर्धारित समय सीमा में कार्य पूर्ण न होना प्रमुख हैं। इन कारणों से बायोगैस प्लांट नियमित रूप से संचालित नहीं हो पा रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि गोवर्धन परि योजना केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है। जिसकी नियमित समीक्षा उच्च स्तर पर की जाती है। ऐसी स्थिति में परियोजना के संचालन में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी। डीएम द्वारा जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित फर्म को निर्देशित किया गया है कि वह एक सप्ताह के भीतर सभी कमियों को दूर कर बायोगैस प्लांट को पूर्ण रूप से संचालित करना सुनिश्चित करे, अन्यथा नियमानुसार कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
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