—– सपने नहीं, वैज्ञानिक तैयार होंगे — पडरौना की ऐतिहासिक पहल।
—– देश की पहली नगर पालिका बनी पडरौना, चाँद की सफलता से प्रेरित होकर अंतरिक्ष विज्ञान प्रयोगशाला की ऐतिहासिक पहल।
कुशीनगर, 31 जनवरी (आरएनएस)। इसरो की चंद्रयान विजय ने भारत के वैज्ञानिक इतिहास में जहां स्वर्णिम अध्याय जोड़ा है। वही इस प्रेरणा ने कुशीनगर के पडरौना नगर को राष्ट्रीय फलक के कतार में खड़ा कर दिया है। पडरौना नगर पालिका परिषद देश की पहली ऐसी नगरपालिका बनने जा रही है जिसने अंतरिक्ष विज्ञान एवं इनोवेशन प्रयोगशाला स्थापित करने की ऐतिहासिक पहल की है। यह कदम न सिर्फ स्थानीय युवाओं के लिए अवसरों के द्वार खोलेगा, बल्कि छोटे शहरों की सोच और संभावनाओं को भी नई दिशा देगा।
ज्ञातव्य हो कि जिला मुख्यालय पडरौना नगर अब सिर्फ प्रशासनिक पहचान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विज्ञान और नवाचार के मानचित्र पर भी अपनी अलग छाप छोडऩे की तैयारी में है। नगर पालिका परिषद अध्यक्ष विनय जायसवाल की दूरदर्शी सोच और पहल पर पडरौना शहर में अंतरिक्ष विज्ञान एवं इनोवेशन प्रयोगशाला की स्थापना का कार्य तेज़ी से अंतिम चरण में पहुँच चुका है। खास बात यह है कि पडरौना देश की पहली नगर पालिका परिषद बन रही है जिसने इस स्तर पर अंतरिक्ष विज्ञान प्रयोगशाला स्थापित करने का साहसिक निर्णय लिया है। अब तक इस तरह की पहल निजी संस्थानों तक सीमित रही हैं, लेकिन नपाध्यक्ष विनय जायसवाल ने यह मिथक तोड़ते हुए छोटे शहरों की क्षमता को राष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने का बीड़ा उठाया है। बताया जाता है कि प्रयोगशाला की लगभग 90 फीसदी जमीनी तैयारियाँ पूरी हो चुकी हैं। भवन चयन, तकनीकी उपकरणों की खरीद, डिजिटल सेटअप और प्रशिक्षण मॉड्यूल की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। जल्द ही देश के नामी-गिरामी वैज्ञानिकों द्वारा इसका औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा, जो अपने आप में नगर के लिए गौरव का क्षण होगा और उसके साक्षी बनेगे पडरौना नगर के बाशिंदे।
इनसेट– विनय जायसवाल बोले ” पडरौना की प्रयोगशाला भविष्य के वैज्ञानिकों की होगी पाठशाला “– नगर पालिका अध्यक्ष विनय जायसवाल ने इस पहल को लेकर कहा “इसरो की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय प्रतिभा किसी से कम नहीं। हमने सोचा कि क्यों न कुशीनगर के बच्चों को भी वही मंच दिया जाए, जिससे वे बड़े सपने देख सकें और उन्हें यहीं से उड़ान मिल सके। पडरौना की यह प्रयोगशाला केवल एक भवन नहीं, बल्कि भविष्य के वैज्ञानिकों की पाठशाला होगी।” उन्होंने कहा कि इस प्रयोगशाला में छात्रों को स्पेस साइंस, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मॉडल सैटेलाइट निर्माण, 3 डी प्रिंटिंग और इनोवेशन प्रोजेक्ट्स पर काम करने का अवसर मिलेगा। नगर पालिका का लक्ष्य है कि विज्ञान केवल किताबों तक सीमित न रहे, बल्कि बच्चों के हाथों में प्रयोग और अनुभव के रूप में पहुंचे। चेयरमैन श्री जायसवाल ने इस ऐतिहासिक पहल का श्रेय देश के नेतृत्व को देते हुए कहा कि “देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और ‘न्यू इंडियाÓ के विज्ञान–तकनीक आधारित विजन, तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की विकासोन्मुखी और प्रेरणादायी नीतियों से ही हमें यह साहसिक और ऐतिहासिक कदम उठाने का बल मिला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में भारत आज अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में विश्व पटल पर नई ऊँचाइयाँ छू रहा है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश विकास और नवाचार की नई इबारत लिख रहा है।” उन्होंने आगे कहा कि “इसी प्रेरणा को धरातल पर उतारते हुए पडरौना नगर के जूनियर हाई स्कूल मे राष्ट्र संत महंथ अवैधनाथ अंतरिक्ष विज्ञान एवं इनोवेशन प्रयोगशाला की स्थापना की जा रही है, ताकि छोटे शहरों के बच्चे भी बड़े सपने देखें और उन्हें साकार करने का अवसर यहा मिल सके।”अंत मे उन्होने कहा कि “सपनों की कोई सीमा नहीं, बस सोच में उड़ान होनी चाहिए।”
इनसेट– शिक्षा जगत में उत्साह, युवाओं में नई उम्मीद– स्थानीय नागरिकों व शिक्षा जगत से जुडे लोगो का मानना है कि नगर पालिका चेयरमैन विनय जायसवाल की दूरगामी सोच और उनकी यह यह पहल जिले के छात्रों के लिए क्रांतिकारी साबित हो सकती है। अक्सर संसाधनों की कमी के कारण ग्रामीण और छोटे शहरों की प्रतिभाएं पीछे रह जाती हैं, लेकिन इस प्रयोगशाला के माध्यम से उन्हें महानगरों जैसी सुविधाएँ अपने ही नगर में मिलेंगी।
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