भोपाल,31 जनवरी (आरएनएस)। राजधानी भोपाल में हाल ही में 26 टन मांस पकड़े जाने की घटना के बाद बोर्ड क्लब पर वीगन समूह के लोगों ने जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम के जरिए लोगों को वीगन बनने का संदेश दिया गया और डेयरी व पशु उत्पादों से जुड़े मुद्दों को सामने रखा गया।
कार्यक्रम स्थल पर गाय का एक बड़ा पोस्टर लगाया गया था, जिस पर भारत को दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बीफ एक्सपोर्टर देशों में शामिल बताया है। इस डिस्प्ले के माध्यम से आयोजकों ने पशु उद्योग से जुड़े आंकड़ों और उनके सामाजिक प्रभावों पर लोगों का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की।
बोर्ड क्लब पर लगाए गए अन्य पोस्टरों में जंजीरों में बंधे, तड़पते और परेशान जानवरों की तस्वीरें दिखाई गईं। इन तस्वीरों के जरिए वीगन समूह के लोगों ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि भोजन और उपभोक्ता विकल्पों का जानवरों के जीवन पर सीधा असर पड़ता है।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोग पोस्टर देखकर रुके और वीगन समूह के सदस्यों से बातचीत की। इस दौरान वीगन जीवनशैली, पशु उत्पादों के विकल्प और इसके सामाजिक व नैतिक पहलुओं को लेकर चर्चा की गई। आयोजक लोगों के सवालों का जवाब देते नजर आए।
वीगन समूह से जुड़े अयान अली सिद्दीकी ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य केवल संदेश देना नहीं, बल्कि लोगों को सोचने पर मजबूर करना है। उन्होंने कहा कि वीगन समूह इस मुद्दे पर लगातार ग्राउंड लेवल पर काम कर रहा है और अलग-अलग माध्यमों से जागरूकता फैलाने की कोशिश की जा रही है।
वीगन समूह के लोगों का कहना है कि उनका मकसद किसी तरह का विरोध या टकराव खड़ा करना नहीं है। वे चाहते हैं कि लोग अपने खान-पान से जुड़े फैसलों पर विचार करें और पशुओं के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाएं।

