कोलकाता 1 फरवरी (आरएनएस)। तृणमूल के सांसद अभिषेक बनर्जी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बंगाल के लिए देश के बजट में कोई ऐलान नहीं किया गया है। अभिषेक बनर्जी ने कहा, ‘आप सभी सदन में मौजूद थे और केंद्रीय वित्त मंत्री ने 1 घंटे 25 मिनट तक भाषण दिया। इस पूरे समय में पश्चिम बंगाल का जिक्र तक नहीं हुआ। इस बजट में युवाओं, किसानों या रोजगार का भी कोई जि़क्र नहीं है। जो सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), स्किल इंडिया और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी पर बात करती है, लेकिन वह रोजगार पर बात नहीं करती है।Óतृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने रविवार को केंद्रीय बजट को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर पश्चिम बंगाल के प्रति सौतेला रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा की हार तय है और इसी बौखलाहट में केंद्र सरकार बंगाल की जनता को सबक सिखाने की कोशिश कर रही है। संसद परिसर के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए डायमंड हार्बर से तीन बार के लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि बंगाल में भाजपा हार रही है। इसी कारण वह सौतेले रवैये के जरिए राज्य की जनता को सबक सिखाना चाहती है। लेकिन लोकतंत्र में जनता ही जवाब देती है और आने वाले चुनावों में लोग भाजपा को करारा जवाब देंगे। यह जानकारी तृणमूल कांग्रेस के मीडिया सेल की ओर से जारी बयान में दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत पश्चिम बंगाल को उसके वैध बकाये से वंचित रखा है। अभिषेक बनर्जी ने कहा, हम पिछले पांच वर्षों से यह कह रहे हैं कि यदि केंद्र सरकार एक श्वेत पत्र जारी कर यह साबित कर दे कि 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद मनरेगा के तहत बंगाल के एक भी जॉब कार्डधारक को डीबीटी के माध्यम से राशि मिली है, तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत, जिसमें केंद्र सरकार की 60 प्रतिशत हिस्सेदारी है, पिछले चार वर्षों में यदि यह साबित कर दिया जाए कि बंगाल के एक भी लाभार्थी को राशि मिली है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 2021 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद केंद्र सरकार ने ग्राम सड़क योजना के तहत पश्चिम बंगाल को एक पैसा तक नहीं दिया।
अभिषेक बनर्जी ने आगे कहा, ‘केंद्र सरकार ने बजट में यह भी नहीं बताया कि युवाओं को रोजगार कैसे मिलेगा या किस दिशा में रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। किसानों के लिए फाइनेंशियल सिक्योरिटी या इनकम स्टेबलाइज करने के तरीकों पर कोई बात नहीं कही गई। किसी भी कम्युनिटी के लिए कोई समाधान नहीं बताया गया है। यह बजट बिना चेहरा, बिना आधार और बिना विजन वाला है।Ó
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