जगदीश यादव
नई दिल्ली/कोलकाता 2 फरवरी (आरएनएस)। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और चुनाव आयोग के बीच खाई आज तब और बढ़ गई जब आज दिल्ली पहुंची सीएम ने दिल्ली पुलिस पर एसआईआर के नाम पर बांग्ला बोलने वालों के साथ कथित उत्पीडऩ का आरोप लगाया। ऐसे में सीएम ममता बनर्जी अपने भतीजे व पार्टी के अखिल भारतीय महासचिव व सांसद अभिषेक बनर्जी व पार्टी 12 नेताओं के साथ शाम को मुख्य चुनाव आयोग के कार्यालय में पहुंची। वहीं थोड़े समय के बाद ममता बनर्जी चुनाव आयोग के ऑफिस से बाहर आकर बोलीं- अगर आपको एसआईआर करना ही था, तो आपको चुनाव वाले राज्यों को छोड़कर योजनाबद्ध तौर पर करना चाहिए था, लेकिन आपने ऐसा नहीं किया। ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की बैठक का बहिष्कार करते हुए दावा किया कि चुनाव आयोग ने बंगाल प्रतिनिधिमंडल का अपमान किया है।
मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग को भाजपा का भोपू करार दिया। चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात के बाद ममता बनर्जी ने उनपर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि , ‘मैं बहुत दुखी हूं. मैं दिल्ली की राजनीति में लंबे वक्त से सक्रिय हूं. मैं चार बार मंत्री और सात बार सांसद रह चुकी हूं। मैंने आज तक ऐसा अहंकारी और झूठा चुनाव आयुक्त नहीं देखा मैंने उनसे कहा कि मैं आपकी कुर्सी का सम्मान करती हूं, क्योंकि कोई भी कुर्सी हमेशा के लिए नहीं रहती।एक दिन तो आपको जाना ही होगा। तृणमूल प्रतिनिधिमंडल ने एसआईआर के तहत 58 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जाने के विरोध में काले कपड़े पहन कर विरोध व्यक्त किया। सीएम ममता ने केन्द्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि, असम में आपकी भाजपा सरकार है। आपने असम में एसआईआर नहीं किया, लेकिन पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में किया। आपने हमारे साथ क्या किया? आपने 58 लाख लोगों को हटा दिया। यहां बहुत ज़्यादा गड़बड़ी और गलत मैपिंग है। पहले बच्चे घरों में पैदा होते थे, अस्पतालों में नहीं। चुनाव आयोग कार्यालय आने से पहले ममता बनर्जी ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए हुए कहा कि, मैं अपने लोगों को देखने और दिल्ली पुलिस के अत्याचारों को देखने के लिए बंग भवन जा रही हूं। ममता बनर्जी ने आगे कहा ‘जब गृह मंत्री बंगाल आते हैं, तो हम उन्हें रेड कार्पेट देते हैं। लेकिन जब हम दिल्ली आते हैं तो आप हमें ब्लैक कार्पेट देते हैं। कृपया बंगाल के लोगों पर अत्याचार नहीं करे। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने आगे कहा, ‘अगर इस देश में कोई नहीं लड़ेगा, तो मैं लडूंगी, हमारी पार्टी लड़ेगी। तृणमूल प्रमुख ने कहा कि, सच तो यह है कि, ‘दिल्ली के लोगों को नहीं पता कि बंगाल में क्या हो रहा है। मुझे अभी-अभी जानकारी मिली है, और मैंने अपने कपड़े भी नहीं बदले हैं। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस इन परिवारों को बार-बार परेशान कर रही है। बंग भवन के बाहर ममता ने कहा कि आपके जैसे भाई-बहन हमारे भी हैं। ये लोग सुप्रीम कोर्ट के पास अपनी बात रखने आए हैं।हम प्रदर्शन करने नहीं आए। अगर प्रदर्शन करने उतरते, तो आपकी हालत खराब हो जाती। फिर कह रही हूं कि, बंगाल के लोगों को परेशान मत करोÓÓ। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया कि बंगाल से आए जिन परिवारों ने एसआईआर के कारण परेशान हैं और दिल्ली में आये हैं ऐसे लोगों को दिल्ली पुलिस नींद से जगा कर परेशान कर रही है और बंग भवन के आसपास कड़ी निगरानी लगा रखी है। ममता ने कहा कि वह सांकेतिक तौर 100 ऐसे लोगों लेकर दिल्ली आई हैं जो एसआईआर प्रक्रिया में ‘मृतÓ करार दिए गए हैं, लेकिन वे लोग जिंदा हैं। साथ ही उन लोगों के परिजन भी इनमें शामिल हैं जिनके किसी सदस्य की एसआईआर के दौरान मौत हुई। ममता बनर्जी ने केन्द्र सरकार और चुनाव आयोग पर आरोप लगाया कि, इनके द्वारा देश के संघीय ढांचे को नष्ट करने की कोशिश हो रही और एसआईआर प्रक्रिया के तहत एक तरह से अघोषित “एनआरसी” की कोशिश की जा रही है जो कि लोकतंत्र के लिए घातक है। बंगाल हमेशा सिर तन कर खड़ा रहा है और इस देश में कोई गलत का विरोध करे या नहीं लेकिन वह करेंगी। ममता बनर्जी ने आगे कहा कि बंगाल को क्यों निशाना बनाया जा रहा है। चुनाव लोकतंत्र में एक त्योहार होते हैं, लेकिन आपने 98 लाख लोगों के नाम हटा दिए और उन्हें अपना बचाव करने का मौका नहीं दिया। आखिर पश्चिम बंगाल को क्यों टारगेट किया जा रहा है। अगर चुनाव आयोग निष्पक्ष है तो असम में एसआईआर क्यों नहीं कराया गया। ममता बनर्जी का आरोप है कि चुनाव आयोग चीफ के पास उनके किसी भी सवाल का जवाब नहीं था।
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