सीएम का आरोप, एसआईआर के नाम पर बंगाल में सुपर इमरजेंसी चल रही है
जगदीश यादव
नई दिल्ली/कोलकाता 3 फरवरी (आरएनएस)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुनाव आयोग के खिलाफ आज लगातार दूसरे दिन भी दिल्ली में डटीं रही और उन्होंने भाजपा और चुनाव आयोग पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए उन्हें लोकतांत्रिक तरीके से चुनौती दी। बनर्जी ने कहा, अगर आप लोगों हिम्मत है, तो राजनीतिक और लोकतांत्रिक तरीके से लडि़ए। सीएम ममता ने आक्रामक रुख दिखाते हुए कहा कि, कोई समझौता नहीं होगा और हम एक इंच भी जमीन नहीं छोड़ेंगे। हम अंत तक लड़ेंगे। जो होगा वह देख लेंगे। सीएम ममता बनर्जी ने आज फिर चुनाव आयोग पर लगातार हमला करते हुए आयोग की नियत पर सवाल उठाया कि चुनाव से ठीक पहले एसआईआर क्यों किया जा रहा है?
तृणमूल प्रमुख ने सवाल किया कि, बंगाल, तमिलनाडु, केरल और असम चार राज्य में चुनाव होने है। एसआईआर तीन राज्यों में हो रहा है, लेकिन भाजपा-शासित असम में नहीं। क्योंकि वह ‘डबल इंजनÓ राज्य है। ममता बनर्जी ने घुसपैठियों पर कहा कि ये लोग भाजपा का नाम लिए बगैर कहा कि, घुसपैठियों की बात करते हैं लेकिन ये तो आपकी जिम्मेदारी है। बॉर्डर की रखवाली केंद्र की जिम्मेदारी है। ऐसे में घुसपैठ के लिए वही जिम्मेदार है। सीएम ममता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मीडिया कर्मियों से कहा कि चुनाव जीतने के बाद वह फिर से दिल्ली आएंगी। तब मैं आप लोगों को अच्छी मिठाई खिलाऊंगी। इसके बाद ही सीएम ममता ने मजाकिया अंदाज में मीडिया कर्मियों से कहा, लेकिन दिल्ली के लड्डू नहीं। साथ ही सीएम ममता ने साफ कर लिया कि, बंगाल में तृणमूल अकेले ही बिना गठबंधन के चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि वह चाहतीं तो लाखों लोगों को दिल्ली ला सकती थीं, लेकिन मात्र उन कुछ लोगों को लाया गया जो एसआईआर से प्रभावित हैं और पिछले छह-सात दिनों से यहां रुके हुए हैं। सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि, एसआईआर के पहले चरण में 58 लाख नाम हटाए गए हैं। प्रभावित लोगों को खुद का बचाव करने का कोई मौका नहीं दिया गया। हकीकत की जांच किए बिना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दुरुपयोग किया जा रहा है।
मैंने चुनाव आयोग को छह पत्र लिखे हैं, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। हमारे लोग आयोग के प्रतिनिधिमंडल से मिले, फिर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। दिल्ली की प्रेस को शायद यह अंदाजा नहीं है कि बंगाल में क्या हो रहा है। इसमें आपकी गलती नहीं है, यह आज की व्यवस्था की गलती है, जहां असली मुद्दे सही तरीके से सामने नहीं आ पाते। मैं संसद की सदस्य नहीं हूं, इसलिए सीधे वहां नहीं बोल रही, लेकिन टीवी पर जो देखा, उसमें विपक्ष भी अपनी बात ठीक से नहीं रख पा रहा। आने वाले विधानसभा चुनाव का नतीजा क्या होगा? ममता ने जवाब दिया कि, मैं कोई राजनीतिक ज्योतिषी नहीं हूं। लेकिन मुझे लगता है कि मैं ज्यादा सीटें जीतूंगी। ममता बनर्जी ने फिर दावा किया कि, बंगालियों को अलग से टारगेट किया जा रहा है। वहीं अगर आप बांग्ला बोलते हैं, तो आपको बांग्लादेशी कहा जा रहा है। ममता ने कहा, हम अब सभी दरवाजे खटखटा रहे हैं। मीडिया भी लोकतंत्र का एक खम्भा है। हम एसआईआर प्रभावितों को लाए हैं। आप उनकी हालत देखिए।
ममता बनर्जी ने कहा, सोमवार को वह जब चुनाव आयोग के ऑफिस गई थीं इस दौरान ज्ञानेश कुमार ने मुझे धमकी दी, मैंने टेबल थपथपाते हुए उससे कहा कि ऐसे चिल्लाओ मत ! चेतावनी भरे लहजे में ममता ने यह भी कहा, याद रखना, कुर्सी परमानेंट नहीं होती, लोग परमानेंट होते हैं! हम एक इंच भी ज़मीन नहीं छोड़ेंगे। अगर फाइनल लिस्ट में कोई गड़बड़ हुई, तो हम इस पर बात नहीं करेंगे। इसके साथ ही ममता ने दावा किया कि 26 तारीख के चुनाव में तृणमूल ज्यादा सीटें जीतेगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के ऑल इंडिया जनरल सेक्रेटरी अभिषेक बनर्जी मुख्यमंत्री के साथ थे। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि एसआईआर के नाम पर बंगाल में सुपर इमरजेंसी चल रही है। भजपा कमीशन का इस्तेमाल करके बंगाल में डेमोक्रेसी की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है। लोग इंसाफ मांगते-मांगते थक गए हैं। जिस तरह से एसआईआर के नाम पर लोगों को परेशान किया जा रहा है, सवाल उठता है कि आम आदमी कहां जाएगा, किससे इंसाफ़ मांगेगा। उनके शब्दों में, मैंने चुनाव आयोग को बार-बार पत्र लिखा है, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर भी नहीं माने जा रहे हैं। इसलिए मैं प्रभावित लोगों के साथ दिल्ली आई और यहां दिल्ली पुलिस ने हमें परेशान किया।”
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