नई दिल्ली/कोलकाता 3 फरवरी (आरएनएस)। तृणमूल के महा सचिव व सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि, तृणमूल एसआईआर के खिलाफ नहीं है, लेकिन वे इसके जल्दबाजी में और बिना योजना के क्रियान्वयन पर सवाल उठाते हैं। टीएमसी नेता ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह मुद्दा उठाया। अभिषेक ने चुनाव आयोग को मीडिया के सामने बैठक आयोजित करने की चुनौती दी और कहा कि वह उसमें शामिल होने के लिए तैयार हैं। चुनाव आयोग द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए अभिषेक ने चुनाव आयोग को मीडिया के सामने बैठक बुलाने की चुनौती दी और कहा कि वे स्वयं उपस्थित होकर अपने विचार खुलकर रखेंगे। एसआईआर के नाम पर षडय़ंत्र का आरोप लगाते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा कि, कई बीएलओ ने दबाव में आकर आत्महत्या करने पर मजबूर होना पड़ा है, जबकि सैकड़ों लोग दहशत में मारे गए हैं। इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? यह काम समय के साथ किया जा सकता था, है ना? तृणमूल सांसद ने आरोप लगाते हुए कहा कि, जिस तरह से केन्द्र सरकार ने बिना किसी ठोस योजना के ही नोट बंदी की और इसका परिणाम सबकों पता है। ठीक बगैर ठोस योजना के हि एसआईआर को अंजाम दिया जा रहा और लोग इससे परेशान हो रहें है। अभिषेक के मुताबिक, यह यहीं खत्म नहीं होता, बंगाल में लक्ष्य कर नाम हटाने का काम चल रहा है। उन्होंने कहा, बंगाल में जो नियम है, वह बाकी 11 जगहों पर नहीं है, जहां एसआईआर चल रहा है। बंगाल के लिए सौ से ज्यादा स्पेशल माइक्रो ऑब्ज़र्वर नियुक्त किए गए हैं। एसआईआर नोटिफिकेशन में साफ़-साफ़ लिखा था कि ईआरओ ही फ़ाइनल अथॉरिटी है। तो फिर माइक्रो ऑब्ज़र्वर कहां से आ गए! उन्हें ईआरओ का काम देखना है। अब, माइक्रो ऑब्ज़र्वर ईआरओ इंस्टॉल करके बैकएंड में लॉग इन कर रहे हैं। वे अपना काम कर रहे हैं। वे केस खारिज कर रहे हैं।

