नई दिल्ली ,04 फरवरी । भारत एक ऐसा देश है जहां आज भी एक बहुत बड़ी आबादी अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए ट्रेन के सफर पर निर्भर करती है। टिकट बुक करने से लेकर खाना ऑर्डर करने तक की प्रक्रिया से तो लगभग हर यात्री वाकिफ है, लेकिन रेलवे से जुड़ी कुछ ऐसी तकनीकी जानकारियां भी हैं, जिनसे अधिकतर लोग अनजान रहते हैं। इन्हीं में से एक महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या जनरल टिकट पर सफर करने वाले यात्रियों को बीमा (इंश्योरेंस) की सुविधा मिलती है? यह जानकारी विशेष रूप से उन लोगों के लिए बेहद मायने रखती है जो अक्सर जनरल डिब्बों में यात्रा करते हैं।
जनरल टिकट और बीमे का सच
अगर आप भी उन लाखों यात्रियों में शामिल हैं जो जनरल टिकट लेकर सफर करते हैं, तो आपको रेलवे के इस नियम के बारे में पता होना चाहिए। रेलवे के नियमों के मुताबिक, जनरल टिकट लेकर यात्रा करने वाले मुसाफिरों को यात्रा बीमा की सुविधा नहीं दी जाती है। अक्सर लोगों को लगता है कि टिकट खरीदते ही वे बीमित हो गए हैं, लेकिन जनरल क्लास के मामले में ऐसा नहीं है। हालांकि, यहां राहत की बात यह है कि किसी भी तरह की दुर्घटना या हादसा होने की स्थिति में रेलवे अधिनियम 1989 के तहत पीडि़त यात्रियों को मुआवजा जरूर दिया जाता है, लेकिन यह ट्रैवल इंश्योरेंस पॉलिसी से अलग प्रक्रिया है।
सिर्फ ऑनलाइन बुकिंग पर ही मिलता है फायदा
अब सवाल उठता है कि आखिर यह इंश्योरेंस किसे मिलता है? रेलवे की तरफ से दी जाने वाली इंश्योरेंस स्कीम केवल उन यात्रियों के लिए है जो आरक्षित श्रेणियों (स्लीपर, 1्रष्ट, 2्रष्ट, 3्रष्ट) में सफर करते हैं। इसमें भी एक बड़ी शर्त लागू होती है। यह सुविधा केवल उन यात्रियों को मिलती है जिन्होंने अपना टिकट ढ्ढक्रष्टञ्जष्ट की वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन बुक किया हो। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर आपने रेलवे स्टेशन के रिजर्वेशन काउंटर से लाइन में लगकर कंफर्म टिकट भी लिया है, तो भी आप इस इंश्योरेंस स्कीम का लाभ नहीं उठा सकते। साथ ही, यह स्कीम पैसेंजर ट्रेनों और सब-अर्बन ट्रेनों के यात्रियों पर लागू नहीं होती है।
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