ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना, खादी, हैंडलूम और हस्तशिल्प को बढ़ावा देना है : चौहान
रायपुर 4 फरवरी 2026(आरएनएस) भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता केएस चौहान ने कहा है कि केंद्रीय बजट 2026-27 में केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा घोषित “महात्मा गांधी ग्राम स्वराज” पहल एक रणनीतिक कदम है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को ‘आत्मनिर्भरता’ और ‘वैश्विक प्रतिस्पर्धा’ की ओर ले जाने का लक्ष्य रखती है। यह पहल मुख्य रूप से खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प क्षेत्रों को पुनर्जीवित करने पर केंद्रित है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री चौहान ने कहा कि महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल पाँच प्रमुख क्षेत्रों में निहित है। वैश्विक बाजार जुड़ाव के जरिए ग्रामीण कारीगरों के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने के लिए सरकार ब्रांडिंग और मार्केटिंग सहायता प्रदान करेगी। इसका उद्देश्य “लोकल टू ग्लोबल” के सपने को साकार करना है। गुणवत्ता और आधुनिकीकरण पर जोर देकर कारीगरों को आधुनिक मशीनरी, तकनीक और उत्पादन की गुणवत्ता में सुधार के लिए पूंजीगत सहायता दी जाएगी। इसमें ‘चैलेंज मोड’ में मेगा टेक्सटाइल पार्कों की स्थापना भी शामिल है। कौशल विकास पर काम करके ग्रामीण युवाओं और बुनकरों को नई तकनीकों में प्रशिक्षित करने के लिए ‘स्ट्रीमलाइन ट्रेनिंग’ और ‘स्किलिंग’ पर जोर दिया जाएगा, ताकि वे आधुनिक बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद बना सकें। इसी प्रकार यह पहल सरकार की ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ओडी-ओपी) योजना के साथ मिलकर काम करेगी, जिससे विशिष्ट क्षेत्रीय उत्पादों को एक नई पहचान और सप्लाई चेन मिल सके। संगठित सहायता के तहत वस्त्र क्षेत्र के लिए घोषित पाँच व्यापक घटकों को साथ जोड़ा गया है। भाजपा प्रवक्ता श्री चौहान कहा कि यह योजना केवल एक आर्थिक पैकेज नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में “ग्राम स्वराज” की अवधारणा को आधुनिक तकनीकी जामा पहनाने का प्रयास है। जहाँ पहले ध्यान केवल मज़दूरी पर था, अब ध्यान ‘कौशल’ और ‘उद्यमिता’ पर केंद्रित किया गया है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री चौहान ने कहा कि महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल का लक्ष्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना, खासकर खादी, हैंडलूम और हस्तशिल्प को बढ़ावा देना है। मौजूदा टेक्सटाइल इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए टेक्सटाइल पार्क और अन्य सम्बद्ध योजनाओं का भी प्रस्ताव है। इसी तरह ग्रामीण रोजगार में बदलाव कर बजट में वीबी-जी राम जी के लिए 95,692 करोड़ रुपए का भारी बजट आवंटन किया गया है ताकि ग्रामीण रोजगार गारंटी को नया रूप दिया जा सके। “महात्मा गांधी ग्राम स्वराज” पहल का यह बदलाव अब ग्रामीण विकास और रोजगार पर एक नई रणनीति के हिस्से के रूप में पेश किया गया है। श्री चौहान ने कहा कि महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था के पुनर्निर्माण और पारंपरिक स्थानीय उद्योगों को पुनर्जीवित करने की दिशा में केंद्र सरकार की एक प्रमुख पहल है।


















