इस्लामाबाद/वॉशिंगटन ,06 फरवरी । अमेरिका ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान में सोना और तांबा खनन परियोजना में लगभग 1.3 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की है। पाकिस्तान–ईरान सीमा के पास स्थित रेको डिक परियोजना कुल करीब 7 अरब डॉलर की है और इसके 2028 के अंत तक उत्पादन शुरू करने की उम्मीद है। यह परियोजना कनाडा की खनन कंपनी बैरिक माइनिंग कॉर्प और पाकिस्तानी अधिकारियों की साझेदारी में विकसित की जा रही है। इसमें अमेरिकी निवेश यूनाइटेड स्टेट्स एक्सपोर्ट–इम्पोर्ट बैंक (एक्जि़म बैंक) के माध्यम से किया जाएगा।
परियोजना में बैरिक की 50 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि शेष 50 प्रतिशत में से 25 प्रतिशत हिस्सेदारी तीन संघीय सरकारी कंपनियों के पास और 25 प्रतिशत हिस्सेदारी बलूचिस्तान सरकार के पास है। सुरक्षा को लेकर चिंताएं भी बनी हुई हैं। बलूचिस्तान में अलगाववादी और जिहादी संगठनों की ओर से लगातार हमले होते रहे हैं, जिससे खदान की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती मानी जा रही है। इसके अलावा, तांबे के कंसंट्रेट को कराची तक ले जाने और फिर विदेश में प्रोसेसिंग के लिए रेलवे ढांचे को उन्नत करने की भी जरूरत होगी।
रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इंटरनेशनल फाइनेंस कॉर्पोरेशन और एशियन डेवलपमेंट बैंक समेत अन्य ऋणदाता मिलकर 2.6 अरब डॉलर से अधिक का फाइनेंसिंग पैकेज तैयार कर रहे हैं। रेको डिक परियोजना पाकिस्तान के लिए रणनीतिक रूप से अहम मानी जा रही है। इस्लामाबाद सरकार इस परियोजना को अपनी खनिज रणनीति को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण मान रही है, जबकि बैरिक माइनिंग इसे अपने सबसे बड़े दीर्घकालिक प्रोजेक्ट्स में से एक के रूप में आगे बढ़ा रही है।
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार ने इस निवेश का स्वागत करते हुए इसे पाकिस्तान के खनन क्षेत्र और आर्थिक सुधारों में भरोसे का संकेत बताया है। सरकार को उम्मीद है कि यह परियोजना अपने पूरे जीवनकाल में अरबों डॉलर का राजस्व उत्पन्न करेगी और आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे देश के विकास में अहम भूमिका निभाएगी।
00
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

