तेहरान ,07 फरवरी । मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव कम होने के कोई संकेत फिलहाल नजर नहीं आ रहे हैं। ओमान की मध्यस्थता में होने वाली प्रस्तावित वार्ता से ठीक पहले ईरान ने ऐसा कदम उठाया है, जिससे वॉशिंगटन की चिंता बढ़ सकती है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने अपनी उन्नत बैलिस्टिक मिसाइल ‘खोर्रमशहर-4Ó को एक सैन्य अड्डे पर तैनात कर दिया है।
ईरान के सरकारी प्रसारक प्रेस टीवी के अनुसार, इस मिसाइल को आईआरजीसी एयरोस्पेस फोर्स से जुड़े एक नए सैन्य ठिकाने के उद्घाटन के दौरान प्रदर्शित किया गया। इसे ईरान की रक्षा रणनीति का अहम हिस्सा बनाए जाने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
आईआरजीसी के राजनीतिक मामलों के उप कमांडर ब्रिगेडियर जनरल यदोल्लाह जावानी ने कहा कि इस मिसाइल की तैनाती अमेरिका को स्पष्ट संदेश देने के लिए है कि ईरान अपनी रक्षा क्षमताओं से किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेगा। अल-मयादीन को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन अगर किसी भी दुश्मन ने गलती की तो उसे करारा जवाब दिया जाएगा।
2000 किलोमीटर तक मारक क्षमता
रिपोर्ट के मुताबिक, ‘खोर्रमशहर-4Ó मिसाइल की मारक क्षमता लगभग 2,000 किलोमीटर है और यह 1,500 किलोग्राम तक का वारहेड ले जाने में सक्षम है। सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस मिसाइल की तैनाती से क्षेत्रीय सुरक्षा हालात और ज्यादा संवेदनशील हो सकते हैं।
ओमान में होगी परमाणु वार्ता
इस बीच, उप कमांडर जावानी ने दावा किया कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल ओमान में अमेरिका के साथ होने वाली बातचीत में पूरे आत्मविश्वास के साथ शामिल होगा। जानकारी के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची परमाणु मुद्दे पर बातचीत के लिए ओमान की राजधानी मस्कट पहुंच चुके हैं।
गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच पिछले साल जून में बातचीत उस समय टूट गई थी, जब इजराइल ने तेहरान पर हमला किया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच करीब 12 दिनों तक चले संघर्ष में अमेरिका ने भी ईरान के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया था। वहीं, इजराइली हमलों में ईरान की वायु रक्षा प्रणाली और बैलिस्टिक मिसाइल ढांचे को नुकसान पहुंचा था।
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