रायपुर 7 फरवरी 2026(आरएनएस) पुलिस उपायुक्त पश्चिम ज़ोन श्री संदीप पटेल के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त श्री राहुल शर्मा के मार्गदर्शन में रायपुर के पश्चिम ज़ोन में “संवाद से समाधान” अभियान के तहत जनजागरूकता की एक सशक्त और सतत श्रृंखला देखने को मिल रही है। इस अभियान का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि पुलिस और समाज के बीच संवाद के माध्यम से व्यावहारिक समाधान तक पहुँचना है।
अभियान के अंतर्गत स्कूलों, कॉलेजों, गाँवों और शहरी कॉलोनियों में पहुँचकर विद्यार्थियों, नागरिकों एवं ग्रामीणों को साइबर सुरक्षा, महिला एवं बाल संरक्षण, नशामुक्ति और यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। डीसीपी, एडीसीपी, एसीपी और समस्त थाना प्रभारियों द्वारा अपने-अपने थाना क्षेत्रों में निरंतर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे अभियान की पहुँच जमीनी स्तर तक सुनिश्चित हो रही है।

थाना क्षेत्रवार आयोजित कार्यक्रमों में आजाद चौक के आर.डी. तिवारी स्कूल से लेकर सरस्वती नगर के साइंस कॉलेज, कबीर नगर के होली हार्ट्स स्कूल, पुरानी बस्ती, डीडी नगर, आमानाका, न्यू राजेंद्र नगर, टिकरापारा और मुजगहन तक पुलिस ने संवाद स्थापित किया। कहीं विद्यार्थियों से चर्चा हुई, तो कहीं नागरिकों, बस संचालकों और ग्रामीणों के साथ बैठकें आयोजित की गईं।
साइबर जागरूकता सत्रों में ऑनलाइन ठगी, फर्जी लोन ऐप, सोशल मीडिया अपराध, संदिग्ध लिंक व APK, तथा “डिजिटल अरेस्ट” जैसे नए साइबर फ्रॉड से बचाव के उपाय विस्तार से बताए गए। ठगी की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन और साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया भी समझाई गई।
महिला एवं बाल सुरक्षा के तहत दहेज निषेध अधिनियम, घरेलू हिंसा अधिनियम, POSH एक्ट और POCSO कानून की जानकारी देते हुए 1091, 1098 और 112 जैसे महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों से अवगत कराया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम सुरक्षा पर जोर देते हुए संदिग्ध व्यक्तियों की सूचना, CCTV लगाने और सामूहिक सतर्कता का संदेश दिया गया।

कार्यक्रमों के अंत में नशामुक्त जीवन, महिलाओं के प्रति सम्मान और यातायात नियमों के पालन—हेलमेट, नियंत्रित गति और अनुशासन—पर विशेष बल दिया गया। जनसामान्य ने पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।
“संवाद से समाधान” अभियान का मूल उद्देश्य समाज में सुरक्षा, संवेदनशीलता और साइबर साक्षरता को बढ़ाकर एक जिम्मेदार और सुरक्षित नागरिक परिवेश का निर्माण करना है—जहाँ संवाद से ही समाधान निकलता है।

