रायपुर, 17 मई (आरएनस)। छत्तीसगढ़ में मौसम ने अचानक करवट लेकर लोगों को गर्मी से राहत तो दी, लेकिन तेज अंधड़ और झमाझम बारिश कई इलाकों में आफत बन गई। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में शनिवार को तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश का असर देखने को मिला। कई जगहों पर बड़े पेड़ सड़क पर गिर गए, जिससे आवागमन बाधित हो गया और कुछ वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए। रविवार सुबह तक कई इलाकों में गिरे पेड़ हटाने का काम जारी रहा।
मौसम विभाग के अनुसार, बस्तर संभाग को छोड़कर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सोमवार से मौसम साफ होने लगेगा। आसमान खुलने के साथ तापमान में बढ़ोतरी होगी और मई के आखिरी सप्ताह तक कुछ इलाकों में लू जैसे हालात बनने की संभावना जताई गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, पश्चिमी मध्य प्रदेश से लेकर बांग्लादेश तक बनी द्रोणिका, बंगाल की खाड़ी में सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र और पश्चिमी विक्षोभ जैसे कई मौसम तंत्रों के कारण प्रदेश में समुद्र से बड़ी मात्रा में नमी पहुंची। दिनभर की तेज गर्मी और नमी के मेल से लोकल सिस्टम बने, जिसके चलते कई जिलों में अचानक बारिश और अंधड़ की स्थिति बनी।
मौसम विभाग ने रविवार को भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश, गरज-चमक और वज्रपात की संभावना जताई है। नारायणपुर, कांकेर, बालोद, राजनांदगांव, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर समेत कई जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है।
रायपुर में रविवार शाम फिर मौसम बदलने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार, राजधानी में बादल छाने, तेज हवा चलने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। शहर का अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
इधर मौसम वैज्ञानिक एच.पी. चंद्रा ने बताया कि अंडमान-निकोबार क्षेत्र में लगातार बारिश और तेज पश्चिमी हवाओं के चलते दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन गई हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में मानसून की गतिविधियों में तेजी देखने को मिल सकती है।
बंछोर
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