भोपाल 8 फरवरी (आरएनएस)। एमडी तस्करी, लव जिहाद और जमीनें कब्जा करने वाले यासीन मछली गैंग का एक और अपराध सामने आया है। मछली गैंग के गिरफ्तार सदस्य मोनिस खान के छोटे भाई माज खान को रविवार को पुलिस ने खानूगांव लव जिहाद मामले में गिरफ्तार किया है।
दरअसल, 2 जनवरी को कोहेफिजा पुलिस ने 11वीं कक्षा की नाबालिग छात्रा की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की थी। पीडि़ता ने खानूगांव इलाके में कार में रेप करने, धर्म बदलने का दबाव बनाने और अश्लील वीडियो बनाकर वायरल करने के आरोप लगाए थे।
पुलिस ने इस मामले में 3 जनवरी को मुख्य आरोपी ओसाफ अली खान (19) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अब रविवार को दूसरे आरोपी माज खान की गिरफ्तारी हुई है। वारदात में इस्तेमाल काले कांच की थार माज की ही थी। पूरा घटनाक्रम उसकी जानकारी में था।
बता दें कि माज का बड़ा भाई मोनिस एमडी तस्करी मामले में जमानत पर है। माज खुद को एक प्रतिष्ठित जिम का संचालक बताता है।
वहीं, डीसीपी जोन-3 अभिनव चौकसे ने माज को पेश कराने और बिना रिमांड लिए जेल भिजवाने की डील के आरोप में कोहेफिजा थाने के हेड कॉन्स्टेबल ज्ञानेंद्र दिवेदी को सस्पेंड कर दिया है। आरोप है कि ज्ञानेंद्र ने पूरी डील एक आलीशान होटल में की थी।
ज्ञानेंद्र के संदिग्ध आचरण के चलते टीआई कृष्ण गोपाल शुक्ला ने 7 फरवरी को उसके खिलाफ प्रतिवेदन डीसीपी को सौंपा था, जिस पर संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की गई है।
रेप और लव जिहाद का आरोपी ओसाफ 12वीं क्लास का छात्र है। उसके पिता डॉक्टर जबकि मां सरकारी स्कूल में टीचर हैं।
कोहेफिजा थाना थाना प्रभारी कृष्ण गोपाल शुक्ला के अनुसार, ओसाफ अक्सर छात्रा की सहेली से मिलने स्कूल के आसपास आता था। इसी सहेली के माध्यम से उसकी पहचान पीडि़ता से हुई। पिछले साल जुलाई में आरोपी ने पीडि़ता को भोपाल घुमाने के बहाने बुलाया और खानूगांव के सुनसान इलाके में ले गया।
वहां कार के अंदर आरोपी ने छात्रा के साथ रेप किया। विरोध करने पर उसने शादी का झांसा देकर उसे चुप करा दिया।
ओसाफ ने पीडि़ता को पता चले बिना रेप के दौरान उसका वीडियो बना लिया था। कुछ समय बाद वीडियो वायरल करने की धमकी देकर छात्रा से 1 लाख रुपए की मांग की। बदनामी के डर से छात्रा ने किसी तरह 40 हजार रुपए का इंतजाम कर आरोपी को दिए।
40 हजार रुपए लेने के बाद भी ओसाफ की ब्लैकमेलिंग जारी रही। वह बार-बार शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालता रहा। तंग आकर छात्रा ने उसे सोशल मीडिया और फोन पर ब्लॉक कर दिया, तो ओसाफ ने अलग-अलग फोन नंबरों से कॉल कर परेशान किया।
जब छात्रा नहीं मानी, तो ओसाफ ने निजी वीडियो छात्रा के दोस्तों को दिखा दिया। इसके बाद छात्रा ने अपने मौसेरे भाई और हिंदू संगठन के लोगों की मदद से थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
पीडि़ता ने पुलिस को बताया था कि ओसाफ उस पर धर्म बदलने का दबाव डालता था। उससे कई बार जबरन धार्मिक दुआएं भी पढ़वाई गईं। पुलिस ने ओसाफ अली खान का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है, जिसकी फोरेंसिक जांच कराई जा रही है।

