जयपुर ,09 फरवरी (आरएनएस)। जयपुर-अजमेर हाईवे पर सोमवार तड़के एक बड़ा अग्निकांड होते-होते टल गया। रामचंद्रपुरा पुलिया पर करीब 30 हजार लीटर मिथाइल केमिकल से भरे एक टैंकर में भीषण आग लग गई। गनीमत रही कि भांकरोटा थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले ही आग पर काबू पाने की कोशिशें शुरू कर दीं, जिससे एक संभावित बड़ा धमाका रुक गया। चलते टैंकर में उठीं चिंगारियाँ, मची अफरा-तफरी हादसा सोमवार सुबह करीब 4:45 बजे हुआ। जानकारी के अनुसार, टैंकर अजमेर से जयपुर की ओर जा रहा था। जैसे ही टैंकर रामचंद्रपुरा पुलिया पर चढ़ा, टायर के पास से निकली चिंगारियों ने केमिकल को अपनी चपेट में ले लिया। आग टैंकर के निचले हिस्से में फैल गई, जिसे देख हाईवे पर गुजर रहे राहगीरों में दहशत फैल गई। सूचना मिलने पर ड्राइवर ने तुरंत टैंकर रोका और कूदकर अपनी जान बचाई।
पुलिस बनी फायर फाइटर
सूचना मिलते ही भांकरोटा थानाधिकारी श्रीनिवास जांगिड़, कॉन्स्टेबल बाबूलाल और सुनील के साथ मौके पर पहुंचे। फायर ब्रिगेड का इंतजार करने के बजाय पुलिसकर्मियों ने साहस दिखाया और मौके पर मौजूद अग्निशमन यंत्रों (स्नद्बह्म्द्ग श्व&ह्लद्बठ्ठद्दह्वद्बह्यद्धद्गह्म्ह्य) की मदद से खुद आग बुझाने में जुट गए।
बड़ा हादसा टला
मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की दो गाडिय़ों ने करीब 10 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद आग को पूरी तरह बुझाया। इस त्वरित कार्रवाई से जयपुर-अजमेर हाईवे पर दिसंबर 2024 में हुए ‘भांकरोटा अग्निकांड’ जैसी बड़ी दुर्घटना होने से बच गई। आग यदि टैंकर के मुख्य हिस्से तक पहुँच जाती, तो 30 हजार लीटर मिथाइल केमिकल एक बड़े विस्फोट का कारण बन सकता था।
कोटा: केमिकल फैक्ट्री में भी लगी आग
वहीं दूसरी ओर, कोटा के रानपुर इलाके में स्थित हिमालय केमिकल फैक्ट्री में भी सोमवार को शॉर्ट सर्किट की वजह से भीषण आग लग गई। फैक्ट्री परिसर के ट्रांसफॉर्मर में लगी आग धीरे-धीरे केमिकल ड्रमों तक पहुंच गई। दमकल की 8 गाडिय़ों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।
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