नई दिल्ली 09 Feb, (Rns) । महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार समेत चार अन्य लोगों की विमान दुर्घटना में मौत के बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय हरकत में आ गया है। मंत्रालय ने बारामती एयरफील्ड का तत्काल निरीक्षण शुरू कर दिया है और देशभर के अनियंत्रित हवाई पट्टियों पर ऑपरेशन के लिए नए सख्त प्रोटोकॉल लागू करने की तैयारी कर रहा है।
सरकार की योजना के तहत लगभग 400 अनियंत्रित एयरफील्ड्स का व्यापक निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान बुनियादी ढांचे की खामियों, नेविगेशन सुविधाओं की कमी और आग बुझाने जैसी इमरजेंसी सेवाओं की उपलब्धता की जांच की जाएगी। इन एयरफील्ड्स की मॉनिटरिंग के लिए एक विशेष सिस्टम तैयार किया जाएगा, जिसे डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) और संबंधित राज्य सरकारें मिलकर संचालित करेंगी।
बताया गया है कि ऐसे एयरफील्ड्स का उपयोग फ्लाइट ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन (FTOs), प्राइवेट चार्टर एयरक्राफ्ट और VIP मूवमेंट के लिए किया जाता है। इन हवाई पट्टियों पर आमतौर पर फुल-टाइम एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम और नेविगेशन एड्स मौजूद नहीं होते।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, 2013 के बाद से अनियंत्रित एयरफील्ड्स पर या उनके आसपास हुई नौ विमान दुर्घटनाओं की जांच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) द्वारा की जा चुकी है, जिनसे सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
गौरतलब है कि 28 जनवरी को अजित पवार और चार अन्य लोगों की मौत एक विमान हादसे में हो गई थी। दिल्ली स्थित कंपनी VSR वेंचर्स द्वारा संचालित Learjet 45 ने सुबह करीब 8 बजे मुंबई से उड़ान भरी थी। अजित पवार को स्थानीय निकाय चुनावों से पहले अपने गृहनगर बारामती में चार चुनावी रैलियों को संबोधित करना था।

