भोपाल 9 फरवरी (आरएनएस)। ईटखेड़ी क्षेत्र में रहने वाली 12वीं कक्षा की एक छात्रा ने पूजा के बाद भभूत समझकर चूहा मारने की दवा खा ली। कुछ देर बाद तबीयत बिगडऩे पर परिजन उसे भानपुर स्थित एक प्राइवेट अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के बाद उसे छुट्टी दे दी गई।
घर लौटने के बाद युवती की हालत दोबारा बिगड़ गई, जिसके बाद उसे हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान सोमवार सुबह उसकी मौत हो गई। घटना 26 जनवरी की बताई जा रही है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
एएसआई एस.के. बाजपेयी ने बताया कि मृतक छात्रा की पहचान वैष्णवी सेन (17), पुत्री मनोज सेन, निवासी लांबाखेड़ा के रूप में हुई है। वह एक निजी स्कूल में 12वीं कक्षा की छात्रा थी। 26 जनवरी को घर में बने मंदिर में पूजा के बाद वैष्णवी की मां ने चूहों की समस्या के कारण चूहा मारने की दवा मंदिर में रख दी थी। कुछ समय बाद वैष्णवी ने वहीं पूजा की और भभूत समझकर पाउडरनुमा चूहामार दवा का सेवन कर लिया।
कोचिंग से लौटने पर बिगड़ी हालत इसके बाद छात्रा कोचिंग चली गई। वहां से लौटने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और उल्टियां होने लगीं। पूछने पर छात्रा ने बताया कि उसने मंदिर में रखी भभूत खाई है, तब मां ने बताया कि वह भभूत नहीं बल्कि चूहा मारने की दवा थी।
इसके बाद परिजन उसे भानपुर स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उसे छुट्टी दे दी गई।
तीन दिन पहले हमीदिया में भर्ती, इलाज के दौरान मौत कुछ दिनों बाद युवती की तबीयत फिर बिगडऩे लगी, जिसके चलते उसे तीन दिन पहले हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान सोमवार सुबह उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया है।
बताया जा रहा है कि छात्रा की 10 फरवरी से बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने वाली थीं।


















