आठवें वेतन आयोग, कम्युटेशन व अन्य मामलों को लेकर विरोध की तैयारी
प्रयागराज 10 फरवरी (आरएनएस)। उच्चतम न्यायालय के आदेश के बावजूद मनमाने ढंग से सरकार निर्णय ले रही हैं और हम पेंशनर्स के हितों पर कुठाराघात कर रही है। स्थानीय कोषागार स्थित पेंशनर भवन में कल उत्तर प्रदेश सरकार के 17 विभागों के पेंशनर्स को संबोधित करते हुए संयुक्त पेंशनर्स कल्याण समिति के प्रांतीय सहसंयोजक तथा सचिवालय यूनियन के प्रचार प्रसार अधिकारी ने यह बातें कहीं।
लखनऊ से आए प्रांतीय सहसंयोजक क्षमा नाथ दुबे ने बताया कि उच्चतम न्यायालय के आदेश के बावजूद वर्तमान सरकार ने पेंशनरों के हित की रक्षा न करते हुए मनमाने ढंग से कमेटी रिपोर्ट प्रस्तुत की है जिसमें स्पष्ट रूप से पेंशनरों के भविष्य से खिलवाड़ किये जाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कमेटी की जो रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है उसके अध्ययन से यह स्पष्ट पता लगता है कि निकट भविष्य में आठवां वेतन आयोग लागू होने के पश्चात पेंशनर को इससे मिलने वाले लाभों से वंचित रखा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अपने भाषण में केंद्रीय वित्त मंत्री ने सदन में जो बातें कहीं इस शासनादेश में वह बातें उसके एकदम विपरीत है। शासनादेश में ऐसे घुमा फिरा कर बातें कही गई है जो आमतौर पर सामान्य जन की समझ से परे हैं लेकिन अगर उसका कायदे से अध्ययन किया जाए तो जो बातें खुलकर आती हैं उसके अनुसार अब भविष्य में ना तो पेंशनर्स को डीए का लाभ मिलेगा ना ही उन्हें कम्युटेशन की धनराशि की हो रही कटौती में छूट मिलेगी।
इस प्रकार से यह पेंशनर्स के हितों पर टोटल कुठाराघात किया जा रहा है जो यह कतई बर्दाश्त नहीं है।
संयुक्त पेंशन और कल्याण समिति के मंडल संयोजक पीके मिश्रा ने कहा यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि हम लोग हमेशा सरकार के साथ रहे हैं जिसका प्रतिफल हमें यह दिया जा रहा है की उच्चतम न्यायालय के आदेश के बावजूद मनमाने ढंग से सरकार निर्णय ले रही हैं और हम पेंशनर्स के हितों पर कुठाराघात कर रही है।
बैठक में उत्तर प्रदेश के पुलिस विभाग विद्युत विभाग स्वास्थ्य विभाग सचिवालय जल निगम शिक्षा विभाग पीपीएस एसोसिएशन आदि संगठन इसी प्रकार के 17 विभागों के घटक संगठन के पदाधिकारी ने भाग लिया।
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