लखनऊ/नई दिल्ली 10 फरवरी (आरएनएस)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा भेदभाव की राजनीति करती है और न्याय दिलाने में भी भेदभाव बरतती है। संसद परिसर में मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियों से किसानों और खेती को गंभीर खतरा पैदा हो गया है।अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि जब सब कुछ विदेश से आएगा तो देश के किसान की उपज का क्या होगा। क्या किसान अपनी फसल की सही कीमत पा सकेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ की गई डील से खेती और किसानी को नुकसान पहुंचेगा। भाजपा हमेशा किसानों के खिलाफ रही है। पहले तीन काले कानून लाकर किसानों को परेशान किया गया और अब देश का पूरा बाजार विदेशियों के हाथों में सौंप दिया गया है।उन्होंने कहा कि जब सब कुछ विदेश से आएगा तो किसान क्या उगाएगा, क्या बेच पाएगा और क्या कमाएगा। किसान अपना घर कैसे बनाएगा और चलाएगा, बच्चों को कैसे पढ़ाएगा, घर के बुजुर्गों का इलाज कैसे करवाएगा, बेटियों को हंसी-खुशी कैसे विदा करेगा और अपने भविष्य के लिए दो पैसे कैसे बचा पाएगा। आज क्या खाएगा और कल के लिए क्या बचा पाएगा, यह सबसे बड़ा सवाल है।अखिलेश यादव ने कहा कि किसानों को नुकसान पहुंचाकर देश में कोई भी सरकार नहीं चल सकती। किसान और किसानी विरोधी भाजपा सरकार यह स्पष्ट करे कि विदेशियों के सामने अपने हितों का समर्पण करने की मजबूरी क्या है। उन्होंने आरोप लगाया कि कभी भूमि अधिग्रहण के जरिए खेती-किसानी को हड़पने का षड्यंत्र किया जाता है और कभी काले कानूनों के जरिए किसानों को मौत के मुंह में ढकेल दिया जाता है।उन्होंने कहा कि भाजपाई सोच बिचौलियों वाली है, जो पैदावार और उत्पादन की बजाय बीच में कमीशनखोरी से अपना पेट भरना जानती है। खेती-किसानी के बीच ही नहीं बल्कि किसानों के बीच बैठे भाजपाई बिचौलियों का भी भंडाफोड़ होना चाहिए। अखिलेश यादव ने कहा कि किसान अब कह रहा है—आज का नहीं चाहिए भाजपा। भाजपा जाएगी तभी खेती-बाड़ी बच पाएगी।
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