बठिंडा 10 Feb, (Rns)- पंजाब की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर कंचन कुमारी उर्फ कमल कौर भाभी की हत्या के मामले में बठिंडा की अदालत ने बड़ा कदम उठाते हुए सिख कट्टरपंथी नेता अमृतपाल सिंह मेहरों को भगोड़ा घोषित कर दिया है। अदालत ने यह कार्रवाई बार-बार समन जारी किए जाने के बावजूद आरोपी के पेश न होने पर की है। भगोड़ा घोषित किए जाने के बाद अब पुलिस के लिए इंटरपोल के माध्यम से रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराना आसान हो गया है।
बठिंडा कैंट थाने के एसएचओ दलजीत सिंह ढिल्लों ने बताया कि अदालत का आदेश पुलिस को प्राप्त हो चुका है और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार अमृतपाल सिंह मेहरों इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड है और फिलहाल उसके विदेश में छिपे होने की पुख्ता जानकारी है।
यूएई में छिपे होने की आशंका, प्रत्यर्पण की प्रक्रिया तेज
पुलिस सूत्रों के मुताबिक अमृतपाल सिंह मेहरों के संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में छिपे होने की आशंका है। पंजाब सरकार इस मामले में केंद्र सरकार और केंद्रीय एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय कर रही है। इंटरपोल को आरोपी से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज और विवरण भेज दिए गए हैं तथा आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है, ताकि उसे भारत लाकर कानूनी कार्रवाई की जा सके।
सोशल मीडिया सामग्री को लेकर की गई थी हत्या
जांच में सामने आया है कि 9-10 जून 2025 की रात को अमृतपाल सिंह मेहरों, जसप्रीत सिंह और निर्मतजीत सिंह ने कथित तौर पर कंचन कुमारी की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। आरोपियों का कहना था कि कंचन द्वारा सोशल मीडिया पर डाली गई सामग्री सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली थी। हत्या के बाद आरोपी उसका शव बठिंडा के भुच्चो मंडी स्थित आदेश मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की पार्किंग में उसकी कार में छोड़कर फरार हो गए थे। 11 जून की शाम शव बरामद हुआ था। इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड ने पूरे देश में सनसनी फैला दी थी।
अब तक तीन आरोपी गिरफ्तार, एक फरार
इस मामले में फरार अमृतपाल सिंह मेहरों की मदद करने वाले रंजीत सिंह को 6 फरवरी 2026 को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। फिलहाल वह तीन दिन की पुलिस रिमांड पर है। पुलिस के अनुसार रंजीत ने मेहरों को अमृतसर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक पहुंचाने में मदद की थी, जहां से वह यूएई फरार हो गया। हत्याकांड के अन्य दो आरोपी जसप्रीत सिंह और निर्मतजीत सिंह पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं और न्यायिक हिरासत में हैं।
फिलहाल अदालत की ओर से अमृतपाल सिंह मेहरों की चल-अचल संपत्ति कुर्क करने के आदेश जारी नहीं किए गए हैं, लेकिन पुलिस का कहना है कि आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया तेजी से जारी है।


















