दुर्ग,11 फरवरी (आरएनएस)। के जिला अस्पताल में प्रसव के दौरान कथित लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि उपचार और डिलीवरी प्रक्रिया में लापरवाही के कारण नवजात की हालत बिगड़ी और बाद में उसकी मौत हो गई।जानकारी के मुताबिक, कैम्प-1, 18 नंबर रोड, मदर टेरेसा वार्ड निवासी राजा राम की पत्नी करिश्मा को 7 फरवरी को प्रसव पीड़ा शुरू हुई, जिसके बाद रात करीब 8 बजे उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजनों का कहना है कि डॉक्टरों ने शुरू में स्थिति सामान्य बताते हुए सामान्य प्रसव की तैयारी की। परिवार की ओर से आशंका जताए जाने पर ऑपरेशन का विकल्प भी सुझाया गया, लेकिन कथित तौर पर सामान्य डिलीवरी की प्रक्रिया जारी रखी गई।परिजनों के अनुसार 10 फरवरी तड़के करीब 3 बजे प्रसव कराया गया। आरोप है कि प्रसव के दौरान पेट पर दबाव डालकर बच्चे को बाहर निकालने की कोशिश की गई। जन्म के बाद नवजात ने रोने की प्रतिक्रिया नहीं दी और उसकी स्थिति गंभीर बताई गई। बाद में बच्चे को ढ्ढष्ट में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया। सुबह करीब 10 बजे उसे शिशु रोग विशेषज्ञ के पास ले जाया गया।परिवार का कहना है कि उन्होंने दोपहर में लिखित आवेदन भी दिया था, क्योंकि बच्चे की हालत बिगड़ती जा रही थी और ढ्ढष्ट में उसकी हार्ट बीट कम बताई गई। 11 फरवरी की सुबह करीब 8:30 बजे अस्पताल प्रबंधन ने नवजात के निधन की सूचना दी।घटना के बाद परिजनों ने इलाज और डिलीवरी प्रक्रिया में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है। अस्पताल प्रबंधन की ओर से मामले की आधिकारिक प्रतिक्रिया आना बाकी है।
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