बिलासपुर 12 फरवरी 2026(आरएनएस) प्रदेश के शहरी व ग्रामीण सड़कों की बदहाली को लेकर चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने स्वतः संज्ञान में लेते हुए जनहित याचिका के रूप में सुनवाई प्रारंभ की है। स्वतः संज्ञान के अलावा एक और जनहित याचिका दायर की गई है। दोनों पीआइएल की डिवीजन बेंच में एकसाथ सुनवाई चल रही है। राज्य शासन ने सड़कों की स्थिति को लेकर जवाब पेश किया। न्यायमित्र वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव श्रीवास्तव व प्रतीक शर्मा ने राज्य शासन के दावों की पोल खोलते हुए सड़कों की बदहाली और अधूरे निर्माण को लेकर रिपार्ट पेश की। बीते दिवस को चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की अगुवाई वाली डिवीजन बेंच में जनहित याचिका पर सुनवाई प्रारंभ हुई। राज्य शासन की ओर से दौर शपथ पत्र के साथ जानकारी पेश की गई। इसमें राज्य की सड़कों के निर्माण व मेंटनेंस को लेकर जानकारी दी गई थी। प्रदेशभर की सड़कों की रिपोर्ट पेश करने और निर्माण कार्य की निगरानी के लिए हाई कोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव श्रीवास्तव व अधिवक्ता प्रतीक शर्मा को न्यायमित्र बनाया है। राज्य शासन द्वारा पेश शपथ पत्र का विरोध करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव श्रीवास्तव व अधिवक्ता प्रतीक शर्मा ने डिवीजन बेंच को बताया कि वर्तमान में नए मार्गो का विकास पूर्ण रूप से नहीं हो पाया है। साथ ही उन्होंने न्यायालय का ध्यान इस ओर आकर्षित किया, राज्य सरकार द्वारा पूर्व में पेश किए गए शपथ पत्र और वर्तमान में पेश शपथ पत्र में कोई सारभूत अंतर नहीं है। राज्यभर में सड़कों के निर्माण व सुधार में कोई विशेष प्रगति नहीं हो पाई है। लोग आज भी परेशान हैं। सड़कों की खराब स्थिति के चलते लोगों की दिक्कतें बढ़ी हुई है।
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