हरिद्वार,12 फरवरी (आरएनएस)। गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा (भासंज्ञाप) की प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के लिए सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में हरिद्वार, भगवानपुर, रुड़की और लक्सर तहसील के 105 मेधावी विद्यार्थियों के साथ शैक्षणिक संस्थानों और प्रधानाचार्यों को भी सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र और नगद पुरस्कार प्रदान किए गए। अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुखद्वय डॉ. प्रणव पण्ड्या और शैल दीदी ने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह में शांति कुंज व्यवस्थापक योगेंद्र गिरि ने कहा कि संस्कारों के संरक्षण से ही संस्कृति सुरक्षित रह सकती है। विद्यार्थी जीवन में संस्कारों का समावेश आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के व्यक्तित्व विकास के लिए गायत्री महामंत्र जप, ध्यान और लेखन जैसे उपाय अपनाने का आग्रह किया। वक्ताओं ने बौद्धिक उन्नति के साथ चारित्रिक उत्थान को आवश्यक बताया। भासंज्ञाप विभाग समन्वयक ने बताया कि जनपद के 100 से अधिक विद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों ने परीक्षा आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके अतिरिक्त 29 प्रधानाचार्यों को शिक्षा क्षेत्र में समर्पण और प्रभावी नेतृत्व के लिए विशिष्ट सम्मान से अलंकृत किया गया। सम्मानित संस्थानों में बीएसएम इंटर कॉलेज रुड़की, नेशनल इंटर कॉलेज खानपुर, स्प्रिंग फील्ड स्कूल बहादराबाद, गायत्री विद्यापीठ शांतिकुंज, डिवाइन लाइट स्कूल जगजीतपुर, डीपीएस भेल, विजडम ग्लोबल स्कूल ज्वालापुर, केंद्रीय विद्यालय सेक्टर-4 बीएचईएल, स्वामी हरिहरानंद पब्लिक स्कूल, जवाहर नवोदय विद्यालय रोशनाबाद और आईपी जूनियर स्कूल लक्सर सहित अन्य विद्यालय शामिल रहे। कार्यक्रम के उपरांत विद्यार्थियों और शिक्षकों ने शांतिकुंज परिसर, सिद्ध अखंड दीप और देव संस्कृति विश्वविद्यालय का भ्रमण किया। सम्मानित विद्यार्थियों में जीकरा मलिक, हर्षित बिष्ट, अंश धीमान, यश पंवार, अरमान, चंचल, काजल, अपेक्षा गुप्ता, अतुल गिरि, रिया, हिमानी, लविश, तनु, अदिति, उमर, सोफिया, हिमांशु, आरती, वैभव, साहिब, अनन्या, लक्ष्मी कामिनी, ऋषभ, सिमरन, भूमि गुप्ता आदि शामिल रहे।
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