हरिद्वार,12 फरवरी (आरएनएस)। संयुक्त संघर्षशील ट्रेड यूनियन मोर्चा के तत्वावधान में विभिन्न ट्रेड यूनियनों सहित इंकलाबी मजदूर केंद्र एवं प्रगतिशील भोजनमाता संगठन ने चार श्रम कानून के विरोध में शिवालिक नगर चौराहे के पास धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद रोशनाबाद स्थित श्रम विभाग कार्यालय का घेराव कर समस्याओं से संबंधित ज्ञापन उप श्रमायुक्त को सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि चार श्रम संहिताओं से मजदूरों का शोषण किया जा रहा है। इसे तत्काल रद्द किया जाए। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार मजदूर विरोधी सरकार है। देश सुरक्षित हाथों में नहीं है। श्रमिकों को अपनी लड़ाई के लिए सड़क पर उतरना पड़ रहा है। नए नए कानून बनाकर श्रमिकों को बर्बाद किया जा रहा है। सिर्फ कुछ पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए कार्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि मजदूरों के हित में पुराने श्रम कानूनों को मजबूत किया जाए। ट्रेड यूनियनों एवं मजदूर संगठनों से सार्थक संवाद स्थापित किया जाए। स्कीम वर्कर्स (भोजन माताओं, आशाओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं) को स्थायी किया जाए। उनका न्यूनतम वेतन 18000 रुपए प्रति माह घोषित किया जाए। भारत सरकार द्वारा अमेरिका से कृषि और दुग्ध क्षेत्र में की गई डील भारतीय किसानों और दुग्ध उत्पादकों के लिए नुकसानदेह है। इसे तत्काल रद्द किया जाए। सिडकुल तथा जनपद के अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत हजारों श्रमिक गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं। अनेक प्रतिष्ठित कंपनियों में वेतन वृद्धि समझौते लंबित हैं। इससे श्रमिकों में असंतोष व्याप्त है। इस अवसर पर गोविंद सिंह, पंकज कुमार, रजनी, नीता, शकुंतला, कविता, कृष्ण मुरारी, विजेन्द्र, नरेश कुमार, अमित चौहान, शिशुपाल सिंह नेगी, दिनेश कुमार, सुरेश राम, हरीश मेहरा, हरीश कांडपाल, नासिर अहमद, सुनील आनंद, ओमपाल, रामविलास पासवान, राजकुमार और हरेंद्र आदि शामिल रहे।
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