मुंबई,13 फरवरी। भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन (शुक्रवार) काफी निराशाजनक रहा. बाजार खुलते ही निवेशकों में हड़कंप मच गया और सेंसेक्स-निफ्टी में तेज गिरावट देखने को मिली. इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह आईटी सेक्टर के शेयरों में आई भारी बिकवाली है.
सुबह 9:25 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स 672 अंक यानी 0.80 प्रतिशत गिरकर 83,002 के स्तर पर आ गया. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 207 अंक फिसलकर 25,600 पर कारोबार कर रहा था. छोटे और मध्यम दर्जे के शेयरों में गिरावट और भी ज्यादा गहरी रही, जो बाजार में चौतरफा बिकवाली की ओर इशारा करती है.
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को लेकर पैदा हुआ डर है. हाल ही में एन्थ्रोपिक नामक कंपनी ने क्लाउड कोवर्क नाम का एक नया एआई टूल लॉन्च किया है. यह टूल जटिल बिजनेस कार्यों को स्वचालित करने में सक्षम है.
निवेशकों को डर है कि अगर एआई इसी तरह तेजी से काम करने लगा, तो भारतीय आईटी कंपनियों के पारंपरिक बिजनेस मॉडल को बड़ा खतरा हो सकता है. टीसीएस, इंफोसिस और विप्रो जैसी कंपनियों का बड़ा राजस्व उन सेवाओं से आता है जिन्हें अब एआई टूल आसानी से और कम खर्च में कर सकते हैं. इसी डर की वजह से निफ्टी आईटी इंडेक्स 4.43 प्रतिशत तक टूट गया.
भारतीय बाजार केवल घरेलू कारणों से नहीं, बल्कि वैश्विक संकेतों की वजह से भी गिरे हैं. अमेरिकी बाजार में तकनीकी शेयरों में भारी गिरावट देखी गई. जापान का निक्केई और चीन का शंघाई इंडेक्स भी लाल निशान में कारोबार कर रहे थे.
सिर्फ आईटी ही नहीं, बल्कि रियल एस्टेट और मीडिया सेक्टर के शेयरों में भी गिरावट रही. रियल्टी इंडेक्स में 2.70 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई. बैंक निफ्टी भी दबाव में दिखा और इसमें मामूली गिरावट देखी गई.
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, निफ्टी के लिए 25,650 का स्तर काफी महत्वपूर्ण है. अगर बाजार इससे नीचे गिरता है, तो गिरावट और बढ़ सकती है. निवेशकों को फिलहाल सावधानी बरतने और अच्छी गुणवत्ता वाले शेयरों पर ही ध्यान देने की सलाह दी गई है.
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