– मातृशक्ति के उत्कर्ष और महिला सशक्तिकरण की प्रेरक मिसाल बनीं प्रतिभा
देहरादून,13 फरवरी (आरएनएस)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड की बेटी एवं अंतरराष्ट्रीय महिला बॉडीबिल्डर प्रतिभा थपलियाल को बॉडीबिल्डिंग क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें शॉल ओढ़ाकर एवं गमला भेंट कर सम्मान प्रदान किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रतिभा थपलियाल की उपलब्धियों को उत्तराखंड की मातृशक्ति के गौरव तथा महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सशक्त और प्रेरणादायक कदम बताया। उन्होंने कहा कि प्रतिभा की सफलता से प्रदेश, विशेषकर दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाली बेटियों को खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढऩे की प्रेरणा मिलेगी। मातृशक्ति अब खेलों के साथ-साथ अन्य विविध क्षेत्रों में भी अपने कैरियर की संभावनाएं तलाश रही हैं, जो प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की भूमि मातृप्रधान रही है तथा पहाड़ की महिलाएं कृषि, सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन की धुरी रही हैं। समय-समय पर उत्तराखंड की महिलाओं ने पर्यावरण संरक्षण, समाज सेवा, खेल और सुशासन के क्षेत्र में देश-दुनिया का मार्गदर्शन किया है। हमें अपनी मातृशक्ति पर गर्व है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की ऐसी प्रतिभाशाली महिलाएं जो विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित कर रही हैं, उन्हें राजकीय सेवा में अवसर प्रदान करने का भी प्रयास किया जाएगा, ताकि वे समाज के लिए प्रेरणा स्रोत बन सकें।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा का परचम
43 वर्षीय प्रतिभा थपलियाल की प्रमुख उपलब्धियां (पिछले चार वर्षों में):
वर्ष 2023 में राष्ट्रीय बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक।
एशियाई बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक।
9 फरवरी 2026 को तेलंगाना के करीमनगर में आयोजित राष्ट्रीय महिला बॉडीबिल्डिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक।
प्रतिभा थपलियाल बॉडीबिल्डिंग क्षेत्र में महिला विश्व चैंपियनशिप एवं एशिया चैंपियनशिप में पदक जीतने वाली महिला बॉडीबिल्डर हैं। उनकी यह उपलब्धि न केवल राज्य बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है।
प्रदेश सरकार महिला खिलाडिय़ों को हर संभव प्रोत्साहन एवं सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि उत्तराखंड की बेटियां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर निरंतर सफलता का परचम लहराती रहें।
इस दौरान राज्य आंदोलनकारी रविंद्र जुगरान भी उपस्थित थे।
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