-दुकान रजिस्ट्रेशन के नाम पर धमका कर वसूलते हैं दो से ढाई हजार
मिल्कीपुर-अयोध्या,14 फरवरी (आरएनएस)। मिल्कीपुर क्षेत्र में छोटे दुकानदारों से अवैध वसूली का गंभीर मामला सामने आया है। फूड इंस्पेक्टर मिल्कीपुर द्वारा छोटे-छोटे दुकानदारों से लगातार की जा रही अवैध वसूली का मामला अब मुख्यमंत्री के दरबार जा पहुंचा है। भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महा संगठन के प्रदेश सचिव एवं समाजसेवा से जुड़े नरसिंह ने फूड इंस्पेक्टर विवेक मौर्य पर भ्रष्टाचार और धमकी देकर पैसे ऐंठने के आरोप लगाए हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री से हुई शिकायत के अनुसार, मिल्कीपुर के रमेश नगर बड़ी नहर के पास चाय की छोटी दुकान चलाने वाले मेराज खान की दुकान पर करीब एक सप्ताह पहले फूड इंस्पेक्टर विवेक मौर्य पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने दुकानदार को धमकाया, एक सादे कागज पर हस्ताक्षर कराए और तहसील में मिलने को कहा। इसके बाद दुकान के रजिस्ट्रेशन व लाइसेंस के नाम पर 2000 रुपये वसूल लिए गए। दुकानदार का कहना है कि उससे पूरी रकम लेने के बावजूद केवल 100 रुपये की रसीद दी गई और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में किसी अन्य मोबाइल नंबर पर ओटीपी मंगाकर एक पन्ने का प्रमाण पत्र थमा दिया गया। आरोप यह भी है कि पूरा पंजीकरण सेट या शुल्क का स्पष्ट विवरण दुकानदार को नहीं दिया गया। यह दावा किया है कि यह कोई एक मामला नहीं है। मिल्कीपुर क्षेत्र में छप्पर या टिन शेड में छोटी-मोटी दुकानें चलाने वाले दर्जनों व्यापारी ऐसे हैं, जिनसे इसी तरह 2 हजार से 25 सौ रुपये तक वसूले गए। बताया गया कि फूड इंस्पेक्टर प्रतिष्ठान पर पहुंचकर विभागीय कार्रवाई का डर दिखाते हैं, खाद्य पदार्थ का तथाकथित नमूना उठा लेते हैं और फिर पैसे की मांग करते हैं। पत्रकार संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि फूड इंस्पेक्टर विवेक मौर्य के काले कारनामों की निष्पक्ष जांच कर तत्काल कार्रवाई की जाए, ताकि क्षेत्र के गरीब और छोटे व्यापारी उत्पीडऩ से बच सकें। इस संबंध में खाद्य आयुक्त अयोध्या मानिकचंद सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में लाया गया है, शिकायत मिली है, जांच की जा रही है, आरोपी फूड इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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