लखनऊ ,14 फरवरी (आरएनएस)। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री अजय राय तथा भारतीय राष्ट्रीय किसान कांग्रेस के उपाध्यक्ष व प्रभारी संगठन अखिलेश शुक्ला ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस अवसर पर मीडिया विभाग के वाइस चेयरमैन मनीष हिंदवी, किसान कांग्रेस के मध्यजोन चेयरमैन बृज मौर्या, पूर्वी जोन चेयरमैन राम भवन शुक्ला, बुंदेलखंड जोन चेयरमैन शिव नारायण सिंह परिहार तथा कोऑर्डिनेटर शीतल मान सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।प्रेस वार्ता की शुरुआत पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। अजय राय ने कहा कि तीन जनवरी से पूरे प्रदेश में “मनरेगा बचाओ संग्राम” चलाया जा रहा है और जब तक मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में बहाल नहीं किया जाता, तब तक सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि 13 फरवरी को प्रदेश के सभी जनपदों में मनरेगा बचाओ पदयात्रा निकाली गई, जिसके माध्यम से मजदूरों और किसानों की आवाज बुलंद की गई।अजय राय ने घोषणा की कि 17 फरवरी 2026 को विधानसभा का घेराव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस गांधीवादी तरीकों से मजदूरों को उनका हक दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने एक अन्य मुद्दे पर कहा कि सदन में योगी आदित्यनाथ द्वारा शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के चयन पर उठाए गए सवाल सनातन परंपरा और आस्था के विरुद्ध हैं। उन्होंने कहा कि जैसे गोरखनाथ पीठ के महंत गुरु परंपरा से नियुक्त होते हैं, उसी प्रकार शंकराचार्य की नियुक्ति भी परंपरा के अनुसार होती है।अजय राय ने 4 फरवरी को चाइनीज मांझे से हुई एक दुखद घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे एक और परिवार उजड़ गया। उन्होंने सरकार से मांग की कि मृतक मोहम्मद शोएब के परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी दी जाए तथा चाइनीज मांझे के आयात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।प्रेस वार्ता के अगले क्रम में अखिलेश शुक्ला ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि सब्सिडी प्राप्त अमेरिकी किसानों को शून्य प्रतिशत ड्यूटी पर भारतीय बाजार में प्रवेश मिलेगा, जबकि भारतीय किसानों को अमेरिकी बाजार में 18 प्रतिशत ड्यूटी देनी होगी। उन्होंने इसे असमान और किसानों के हितों के खिलाफ बताया।अखिलेश शुक्ला ने “किसान अधिकार गांव संवाद अभियान” की घोषणा करते हुए कहा कि इस अभियान के तहत प्रदेश के गांव-गांव में जाकर किसानों को व्यापार समझौते के संभावित प्रभावों के बारे में जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह अभियान किसानों को संगठित कर सरकार पर समझौता रद्द करने का दबाव बनाने की दिशा में चलाया जाएगा।कांग्रेस नेताओं ने कहा कि किसानों, मजदूरों और आम जनता के हितों की रक्षा के लिए पार्टी का संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
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