ऽ शिवभक्तों के लिए सड़क के बायीं ओर ‘कांवरिया पथÓ बनाने की उठी मांग
ऽ स्टेशन अधीक्षक के माध्यम से पीएम, सीएम और रेल मंत्री को भेजा ज्ञापन
बाराबंकी,14 फरवरी (आरएनएस)। सरकार यदि आबादी के हिसाब से बजट आवंटित करे तो बाराबंकी जैसे अंचलों का पिछड़ापन, बेरोजगारी और गऱीबी दूर हो सकती है, लेकिन सरकार एक ओर बुलेट ट्रेन पर एक लाख करोड़ खर्च कर रही है परन्तु बाराबंकी में रामनगर स्थित बुढ़वल से महादेवा वाया गणेशपुर तक बंद पड़ी रेलवे लाइन के लिए कोई बजट नहीं देना चाहती। जबकि, महादेवा आने-जाने वाले कांवरियों को उनकी जरूरत के मुताबिक यह रेल मार्ग समय की मांग है, जिसके निर्माण के लिए सरकार को तत्काल विचार करना चाहिए। सुप्रसिद्ध समाजवादी चिंतक व सामाजिक कार्यकर्ता राजनाथ शर्मा ने शनिवार को गांधी भवन में आयोजित एक दिवसीय सत्याग्रह के दौरान धरना में बोलते हुए यह बात कही। राजनाथ शर्मा की अगुवाई में साल 2010 से यह धरना हर साल महाशिवरात्रि पर होता है। इस साल धरने के तहत महादेवा जाने वाले लाखों शिवभक्तों एवं जनसामान्य से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर गांधी भवन में सत्याग्रह किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री और रेल मंत्री का ध्यान आकर्षित करते हुए बताया कि भाजपा सरकार की उदासीनता के कारण बुढ़वल वाया महादेवा से गणेशपुर तक जाने वाले बहुप्रतिक्षित रेलवे लाइन आज भी बदहाल स्थिति में है। जिसके जीर्णोद्धार को लेकर लगभग डेढ़ दशक से जनआन्दोलन व सत्याग्रह जारी है। ऐसी स्थिति में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस साल भी आम बजट में रामनगर के पर्यटन विकास की ओर ध्यान नहीं दिया। जबकि तत्कालीन केन्द्रीय रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने अश्वस्त किया था कि यदि राज्य सरकार मदद करे तो बंद पड़ी रेलवे लाइन का जीर्णोद्धार का पुन: रेल सेवा शुरू की जाएगी। श्री शर्मा ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से मांग करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के सबसे प्राचीनतम शिवमंदिरों में शामिल रामनगर स्थित लोधेश्वर महादेव मंदिर जहां लखनऊ, उन्नाव, कानपुर, औरैया, इटावा, मैनपुरी के अलावा झांसी, जालौन, ललितपुर सहित कई अन्य जनपदों से पैदल चलकर लाखों शिवभक्त महादेवा स्थित लोधेश्वर मंदिर में जलाभिषेक करने आते है। उनकी सुविधानुसार महादेवा तक राष्ट्रीय राजमार्ग के बांयी ओर ‘स्थाई पैदल सहायक मार्गÓ बनाया जाना चाहिए। जिसको ‘कांवरिया पथÓ के नाम से जाना जाए। जो पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त हो। धरने के बाद प्रधानमंत्री, रेलमंत्री, मुख्यमंत्री, केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री, अखिल भारतीय रेलवे मेंस फेडरेशन के महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा व रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार को प्रेषित ज्ञापन वरिष्ठ स्टेशन अधीक्षक अरूण कुमार रायजादा और मुख्य टिकट निरीक्षक मो लुकमान को सौंपा गया। इस धरने में शामिल होने व समर्थन देने भाजपा किसान मार्चा के पूर्व मंत्री सिद्धार्थ अवस्थी, विनय कुमार सिंह, रांकापा के नेता धनंजय शर्मा, जिला सहकारी विकास संघ के पूर्व चेयरमैन शिवशंकर शुक्ला, समाजसेवी अताउर्रहमान सज्जन, वासिक रफीक वारसी, अतुल कमार सिंह, श्रीनिवास त्रिपाठी, संतोष शुक्ला, सभासद अश्वनी शर्मा ‘शिवाÓ, पूर्व प्रधान वीरेन्द्र सिंह, नावेद अहमद, अजीज अहमद, अभिेष गुप्ता, मनीष सिंह, रणंजय शर्मा, सत्यवान वर्मा, सकेत मौर्य, राजेश यादव, पाटेश्वरी प्रसाद सहित रामनगर क्षेत्र के कई लोग आए थे।
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