कबीरधाम, 06 मई (आरएनएस)। गांव की सड़कों पर कई दिनों से चुपचाप भटक रही एक अज्ञात महिलाज् न नाम याद, न घर का पता, न अपनों की पहचानज् और हर गुजरते दिन के साथ उसकी हालत और ज्यादा डरावनी होती जा रही थी, लेकिन तभी कबीरधाम पुलिस की एक संवेदनशील पहल ने उस महिला की जिंदगी को सड़क से अस्पताल तक पहुंचा दिया। मामला कबीरधाम जिले के ग्राम डबराभाट का है, जहां 02 मई 2026 को थाना कोतवाली पुलिस को सूचना मिली कि करीब 25 से 30 वर्ष की एक महिला गांव में लगातार इधर-उधर घूम रही है और उसकी मानसिक स्थिति सामान्य नहीं लग रही। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस टीम बिना देर किए मौके पर पहुंची। पुलिस ने महिला से नाम, पता और परिवार की जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन वह कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं थी। महिला की हालत देखकर पुलिस ने मामले को सिर्फ औपचारिक कार्रवाई तक सीमित नहीं रखा बल्कि उसे सुरक्षित तरीके से थाना कोतवाली लाया गया और तत्काल जिला अस्पताल में स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। इसके बाद उसकी सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित करने के लिए उसे सखी सेंटर में सुरक्षित रखा गया।
पूरा मामला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र बघेल, अमित पटेल और उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय आशीष शुक्ला के मार्गदर्शन में आगे बढ़ा। महिला की मानसिक स्थिति और उसकी पहचान से जुड़ी कोई जानकारी नहीं मिलने पर पुलिस ने उसे माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला को मानसिक स्वास्थ्य केंद्र सेंदरी बिलासपुर में भर्ती कराने का आदेश दिया। इसके बाद 05 मई 2026 को पुलिस टीम ने सभी वैधानिक प्रक्रिया पूरी करते हुए महिला को मानसिक स्वास्थ्य केंद्र सेंदरी में भर्ती करा दिया, जहां अब उसका उपचार जारी है। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर दिखा दिया कि पुलिस सिर्फ अपराधियों के पीछे दौडऩे वाली ताकत नहीं, बल्कि जरूरतमंद और बेसहारा लोगों की सबसे बड़ी उम्मीद भी बन सकती है। फिलहाल कबीरधाम पुलिस ने जिलेवासियों से अपील की है कि यदि किसी को इस महिला की पहचान या उसके परिजनों के बारे में कोई जानकारी हो तो थाना कोतवाली कबीरधाम या पुलिस कंट्रोल रूम के मोबाइल नंबर 9479192499 पर सूचना दें, क्योंकि किसी खोए हुए इंसान को उसके अपनों तक पहुंचाना ही इंसानियत की सबसे बड़ी जीत होती है।
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