रायपुर, 17 फरवरी 2026 (आरएनएस) रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के थाना सिविल लाइन इलाके में दोस्ती के नाम पर ऐसा खेल खेला गया कि सुनकर हर कोई सन्न रह जाए। जमीन रजिस्ट्री के लिए लाई गई 36 लाख 50 हजार रुपये की नगदी पर खुद दोस्त ने ही हाथ साफ कर दिया। लेकिन पुलिस ने फिल्मी अंदाज में चंद घंटों के भीतर ही पूरा भेद खोलते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

ऐसे रची गई साजिश ज्ञानप्रकाश पांडे जमीन का सौदा पक्का कर टोकन राशि देने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मल्टीलेवल पार्किंग पहुंचा। भरोसे में लेकर उसने कार की चाबी अपने दोस्त नितिन सोनी को थमा दी और खुद रजिस्ट्री ऑफिस चला गया, कुछ ही देर में फोन आया — “कार से 36.50 लाख चोरी हो गए!”
लेकिन यह “चोरी” नहीं, बल्कि पहले से रची गई साजिश थी।
CCTV ने खोला राज एंटी क्राइम और साइबर टीम ने जब सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो कार के आसपास मंडराती काली स्कूटी ने शक की सुई घुमा दी। पूछताछ में नितिन बार-बार बयान बदलता रहा। सख्ती हुई तो दोस्ती का नकाब उतर गया, नितिन ने कबूल किया कि भारी कर्ज में डूबने के कारण उसने अपने साथी तनवीर आलम के साथ मिलकर पूरी पटकथा लिखी थी। प्लान था—दोस्त को ऑफिस भेजो, साथी को बुलाओ और रकम गायब कर दो। बदले में तनवीर को 2 लाख रुपये देने की डील तय हुई थी।
पूरी रकम बरामद पुलिस ने दोनों आरोपियों को दबोचकर 36 लाख 50 हजार रुपये की पूरी रकम बरामद कर ली। आरोपियों के खिलाफ सिविल लाइन थाने में धारा 316(2), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है।
गिरफ्तार आरोपी नितिन कुमार सोनी (32), निवासी सुमित लैंडस्केप, रायपुर, तनवीर आलम (28), निवासी रावाभांठा ट्रांसपोर्ट नगर, रायपुर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भरोसे की आड़ में की गई इस वारदात को तकनीकी साक्ष्यों और त्वरित कार्रवाई से बेनकाब किया गया।
दोस्ती, कर्ज और लालच… 36.50 लाख की इस कहानी ने एक बार फिर साबित कर दिया—सबसे बड़ा खतरा कभी-कभी घर के भीतर से ही होता है।

