बिलासपुर ,17 फरवरी 2026(आरएनएस) अचानक मार्ग टाइगर रिजर्व एरिया में बाघिन द्वारा शिकार किए जाने की सर गर्मी से चर्चा हो रही थी लेकिन कैमरा ट्रैप में बाघिन के बजाय बाघ द्वारा शिकार किए जाने का फोटो ट्रैप कैद गया है।वन मंडल के कोटा वन परिक्षेत्र के अलावा वन विकास निगम के क्षेत्र में बाधिन और शावक का मूवमेंट चेक करने ट्रैप कैमरा लगाया गया था, लेकिन ट्रैप कैमरे प्रारंभ में बाधिन और शावक के बजाय बाघ की तस्वीर कैद हो गई। इसके कारण बाघ के मूवमेंट से ग्रामीण क्षेत्र में दहशत बनी हुई है। कुछ दिनों से यह कहा जा रहा था कि एक बाधिन अपने दो शावकों के साथ अचानकमार टाइगर रिजर्व के जंगल के बजाय ग्रामीण एरिया में विचरण कर रही है। बाघिन व दोनों शावकों की खोजबीन करने के लिए मौके पर ट्रैप कैमरे भी लगाया था। इसमें शावकों और बाघिन की तस्वीर तो दिखाई नहीं दी, लेकिन एक बाघ की तस्वीर कैमरे ने कैद कर ली। इससे बाघिन और नादव, शावकों के बजाय अब बाघ के होने की दि आशंका विभाग के अफसर व्यक्त करने लगे हैं।
बाघिन साथ शावक भी
ग्रामीणों के अनुसार बाघिन अपने शावकों के साथ माखुरख तालाब के पास पानी पीने के लिए चहलकदमी करते दिखाई दी थी। इसके बाद लगातार बाघिन और उसके शावकों ने ग्रामीण एरिया में मवेशियों का शिकार भी किया और आसपास के सटे जंगल में चली गई। इसके उपरांत शावकों और बाघिन को ग्रामीणों ने वन विकास निगम के क्षेत्र पटैता और नेवसा के पास कक्ष क्रमांक 133 में देखा, जहां मवेशी क्षत विक्षप्त हालत में पड़ा हुआ था। वहीं बाधिन के पग मार्क के निशान भी थे।
बाधिन और शावकों के एटीआर जाने की संभावना
वन अफसरों के अनुसार ग्रामीणों ने बाधिन और शावकों को देखा था, लेकिन अब तक किसी तरह के शावकों के पद चिन्ह मौके पर नहीं मिले हैं। वहीं जो तस्वीर कैद हुई है वह बाध के दिखाई दे रहे है। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि बाधिन संमवत अपने दोनों शावकों के साथ अचानकमार टाइगर रिजर्व के जंगल में वापस चली गई है।
लगाए गए पांच कैमरे
वन विकास निगम और बिलासपुर वन महल में कोटा परिक्षेत्र के आसपास बाघ और बाधिन का मूवमेंट चेक करने के लिए एटीआर प्रबंधन से ट्रैप कैमरे की व्यवस्था की है। एटीआर प्रबंधन ने पांच ट्रैप कैमरे लगाने का काम कर दिया है।
कैमरे की जद में आया बाध
पहले बाधिन होने की जानकारी शावकों के मौके पर मिली थी। इसके कारण टीम को अलर्ट करने के साथ मूव भी कराई गई । यह कार्य अभी भी जारी है। फिलहाल पूर्व में जो कैमरे लगाए गए थे, उसमें बाधिन के बजाय बाध की तस्वीर कैद हुई है। कैमरे को एटीआर प्रबंधन वापस ले गई है।
– सत्यदेव शर्मा ,डीएफओ, वन विकास निगम बिलासपुर

