नईदिल्ली,17 फरवरी। जम्मू और कश्मीर के कप्तान पारस डोगरा ने रणजी ट्रॉफी 2025-26 के दौरान अहम उपलब्धि हासिल की। दरअसल, उन्होंने इस टूर्नामेंट के इतिहास में अपने 10,000 रन पूरे किए। उन्होंने बंगाल क्रिकेट टीम के खिलाफ सेमीफाइनल में अपनी पहली पारी में 11वां रन बनाते ही ये मुकाम हासिल किया। वह भारत के घरेलू टूर्नामेंट में इस आंकड़े को छूने वाले सिर्फ दूसरे बल्लेबाज बने। आइए उनके आंकड़ों पर एक नजर डालते हैं।
डोगरा से पहले वसीम जाफर ने यह आंकड़ा पार किया था। बता दें कि पूर्व दिग्गज जाफर ने अपने रणजी ट्रॉफी करियर का अंत 56.51 की औसत से 12,038 रन के साथ किया था। इन दोनों के अलावा कोई अन्य बल्लेबाज 9,500 रन का आंकड़ा नहीं छू सका है। अमोल मजूमदार (9,202) और देवेंद्र बुंदेला (9,201) ही अन्य ऐसे बल्लेबाज हैं, जिन्होंने 9,000 से अधिक रन बनाए थे।
2018 में डोगरा पुडुचेरी चले गए थे, जहां वे इस टीम की ओर से रणजी ट्रॉफी में शतक बनाने वाले पहले खिलाड़ी बने थे। वह 2024-25 सीजन से जम्मू और कश्मीर के कप्तान के तौर पर खेल रहे हैं। डोगरा के नाम अभी रणजी ट्रॉफी में सक्रिय बल्लेबाजों में सबसे ज्यादा शतक (33) हैं। कुल मिलाकर, वे सिर्फ जाफर (40) के बाद दूसरे नंबर पर हैं। डोगरा के नाम 9 दोहरे शतक भी हैं।
डोगरा ने अपने प्रथम श्रेणी क्रिकेट करियर की शुरुआत 2001-02 सीजन के दौरान की थी। उन्होंने अब तक 152 प्रथम श्रेणी मैच खेले हैं, जिसकी 243 पारियों में उन्होंने 10,500 से अधिक रन बनाए हैं। इस बीच उन्होंने 34 शतक भी लगाए हैं। दूसरी तरफ गेंदबाजी में उन्होंने 5 विकेट भी लिए हैं। अपने ढाई दशक लम्बे प्रथम श्रेणी करियर के बावजूद वह कभी भारतीय टीम से नहीं खेल सके हैं।
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