नई दिल्ली ,18 फरवरी (आरएनएस)। नौकरी बदलने के साथ ही अक्सर कर्मचारी अपना सैलरी अकाउंट भी बदल लेते हैं। कभी नई कंपनी के नियमों के चलते, तो कभी बेहतर बैंकिंग सुविधाओं और कम शुल्क की चाहत में नया खाता खुलवा लिया जाता है। लेकिन इस पूरी प्रक्रिया में लोग एक सबसे अहम बात भूल जाते हैं कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (श्वक्कस्नह्र) पीएफ का पैसा हमेशा उसी बैंक खाते में भेजता है, जो आपके यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (्रहृ) से जुड़ा होता है। अगर आपका पुराना खाता बंद या निष्क्रिय हो चुका है, तो पीएफ निकासी के समय आपका क्लेम रिजेक्ट हो सकता है। अक्सर कर्मचारियों को इस परेशानी का पता तब चलता है, जब उन्हें पैसों की सख्त जरूरत होती है और वे क्लेम के लिए आवेदन करते हैं।
बदलाव से पहले पोर्टल पर इन बातों की कर लें जांच
बैंक खाते की जानकारी अपडेट करने से पहले ईपीएफओ के मेंबर ई-सेवा पोर्टल पर लॉग इन करके यह जांचना जरूरी है कि वर्तमान में आपका यूएएन किस बैंक खाते से जुड़ा है। कई लोगों को यह गलतफहमी होती है कि नौकरी बदलने पर बैंक डिटेल अपने आप अपडेट हो जाती हैं, जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि आपका आधार और पैन कार्ड पूरी तरह से सत्यापित (वेरिफाई) हो। यदि आपके नाम या अन्य जानकारी में स्पेलिंग की छोटी सी भी गलती है और वह मैच नहीं कर रही है, तो आपका अपडेट रिक्वेस्ट सिस्टम द्वारा अस्वीकार कर दिया जाएगा। इसलिए, अगर कोई भी जानकारी मेल नहीं खाती है, तो सिस्टम में आगे बढऩे से पहले उसे ठीक करवाएं।
ईपीएफओ में ऐसे अपडेट करें अपना नया बैंक अकाउंट
पोर्टल पर लॉग इन करने के बाद ‘मैनेजÓ (रूड्डठ्ठड्डद्दद्ग) सेक्शन में जाएं और ‘केवाईसीÓ (्यङ्घष्ट) विकल्प पर क्लिक करें। वहां आपको अपना मौजूदा बैंक खाता दिखाई देगा। इसके बाद अपना नया बैंक अकाउंट नंबर और आईएफएससी (ढ्ढस्नस्ष्ट) कोड बहुत ध्यान से दर्ज करें, क्योंकि आमतौर पर सबसे ज्यादा गलतियां नंबर फीड करते समय ही होती हैं। जरूरत पडऩे पर एक कैंसल किए गए चेक की साफ तस्वीर भी अपलोड करें। डिटेल सबमिट करने के बाद आपकी रिक्वेस्ट सीधे पास नहीं होती, बल्कि यह अप्रूवल (मंजूरी) के लिए आपकी मौजूदा कंपनी के पास जाती है। यदि आपकी कंपनी का एचआर (॥क्र) विभाग इसे मंजूर नहीं करता है, तो खाते में कोई बदलाव नहीं होगा। इसलिए रिक्वेस्ट पेंडिंग होने पर अनिश्चित काल तक इंतजार करने के बजाय अपनी कंपनी के सैलरी या एचआर विभाग से तुरंत संपर्क करें।
भविष्य की परेशानी से बचने के लिए समय रहते करें यह काम
अगर आप पीएफ निकालने का क्लेम करते हैं और आपकी बैंक डिटेल गलत पाई जाती हैं, तो ईपीएफओ पेमेंट को प्रोसेस नहीं करेगा। आपका क्लेम खारिज हो जाएगा और आपको पूरी प्रक्रिया फिर से शुरू करनी पड़ेगी। नौकरी छोडऩे के बाद या किसी आपात स्थिति में पीएफ एडवांस निकालते समय पैसों का अटकना बेहद तनावपूर्ण हो जाता है। आपको यह हमेशा याद रखना चाहिए कि पूरे करियर के दौरान आपका यूएएन नंबर एक ही रहता है और इसके तहत एक समय में केवल एक ही बैंक खाता सक्रिय रह सकता है। इसलिए जब भी आपका सैलरी अकाउंट बदले, ईपीएफओ पोर्टल पर इसे अपडेट करना अपनी प्राथमिकता में शामिल करें। पांच मिनट का यह छोटा सा काम आपको भविष्य में हफ्तों की परेशानी से बचा सकता है।
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