नई दिल्ली ,18 फरवरी (आरएनएस)। भारत में नौकरीपेशा लोगों के लिए रिटायरमेंट के बाद अक्सर नियमित आय काफी कम या न के बराबर रह जाती है। ऐसे में अगर जीवनभर की गाढ़ी कमाई को सही जगह निवेश न किया जाए, तो सेविंग्स जल्द ही खत्म होने का डर बना रहता है। वरिष्ठ नागरिकों की इसी चिंता को दूर करने और उनके वित्तीय भविष्य को सुरक्षित करने के लिए भारत सरकार ‘सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीमÓ (स्ष्टस्स्) चलाती है। यह एक स्मॉल सेविंग्स स्कीम है जो रिटायरमेंट के बाद बुजुर्गों को शानदार ब्याज के साथ सुरक्षित निवेश का मौका देती है। आकर्षक ब्याज दरों, हर तिमाही में भुगतान और सरकारी सुरक्षा की गारंटी के चलते यह योजना काफी लोकप्रिय है। आइए आपको विस्तार से बताते हैं कि इस योजना के क्या नियम हैं और आप कैसे इसके जरिए हर महीने 20 हजार रुपये से ज्यादा की कमाई कर सकते हैं।
क्या है सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (स्ष्टस्स्)?
सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम भारत सरकार द्वारा समर्थित एक सुरक्षित निवेश विकल्प है जिसे खासतौर पर बुजुर्गों के लिए डिजाइन किया गया है। इस योजना का लाभ 60 वर्ष से अधिक आयु के कोई भी भारतीय नागरिक उठा सकते हैं। इसके अलावा, जिन लोगों ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (ङ्कक्रस्) या सुपरएनुएशन लिया है, वे 55 से 60 वर्ष की आयु के बीच भी इसमें खाता खोल सकते हैं। कुछ विशेष शर्तों के तहत, रक्षा सेवाओं से रिटायर हुए अधिकारियों के लिए यह आयु सीमा 50 वर्ष रखी गई है। इस स्कीम में आप अपने नाम से सिंगल या फिर अपने जीवनसाथी के साथ जॉइंट अकाउंट खुलवा सकते हैं। इस खाते की परिपक्वता (मैच्योरिटी) अवधि पांच साल होती है, जिसे पूरा होने के बाद आप चाहें तो तीन साल के लिए और भी बढ़ा सकते हैं।
कितना कर सकते हैं निवेश और क्या है मौजूदा ब्याज दर?
इस सरकारी योजना में निवेश की शुरुआत मात्र 1,000 रुपये से की जा सकती है और इसके बाद 1,000 रुपये के गुणकों में पैसा जमा किया जा सकता है। हाल ही में सरकार ने इसकी अधिकतम निवेश सीमा को बढ़ाकर 30 लाख रुपये कर दिया है। सरकार द्वारा इस योजना पर फिलहाल 8.2 प्रतिशत की आकर्षक दर से ब्याज दिया जा रहा है। सरकार अर्थव्यवस्था और महंगाई दर के आधार पर समय-समय पर इन ब्याज दरों की समीक्षा करती है। इस स्कीम में ब्याज का भुगतान सालाना की जगह हर तिमाही (अप्रैल, जुलाई, अक्टूबर और जनवरी के पहले कार्य दिवस पर) किया जाता है, जिससे रिटायर हो चुके लोगों के हाथ में नियमित तौर पर पैसा आता रहे।
हर महीने 20 हजार रुपये की कमाई का गणित
इस स्कीम के जरिए हर महीने 20,000 रुपये से ज्यादा की नियमित आय प्राप्त करना बिल्कुल मुमकिन है। उदाहरण के तौर पर, यदि आप रिटायरमेंट के बाद बैंक या पोस्ट ऑफिस में अपना एससीएससी (स्ष्टस्स्) खाता खोलते हैं और इसमें अधिकतम सीमा यानी 30 लाख रुपये का एकमुश्त निवेश करते हैं, तो 8.2 प्रतिशत की मौजूदा सालाना ब्याज दर के हिसाब से आपको एक साल में कुल 2,46,000 रुपये का ब्याज मिलेगा। अगर इस सालाना ब्याज को 12 महीनों के हिसाब से बांट दिया जाए, तो यह रकम हर महीने 20,500 रुपये बनती है। यह ब्याज की रकम आपको हर तीन महीने में आपके खाते में मिलती रहेगी।
निवेश पर मिलने वाले टैक्स बेनिफिट्स और टीडीएस के नियम
सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम में निवेश करने पर इनकम टैक्स एक्ट, 1961 की धारा 80ष्ट के तहत 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट का लाभ मिलता है। हालांकि, यहां एक छोटी सी जानकारी को अपडेट करना जरूरी है। योजना में जमा किया गया मूलधन तो टैक्स छूट के दायरे में आता है, लेकिन इस पर मिलने वाला ब्याज आपकी कुल आय में जुड़ता है और वह आपकी टैक्स स्लैब के अनुसार कर योग्य होता है। आयकर नियमों के अनुसार वरिष्ठ नागरिकों के लिए यदि एक वित्तीय वर्ष में ब्याज से होने वाली आय 50,000 रुपये (आपके लेख में दी गई 1 लाख रुपये की जानकारी पुराने या किसी अन्य संदर्भ से हो सकती है, मौजूदा नियम 50 हजार रुपये का है) से अधिक होती है, तो उस पर 10 प्रतिशत टीडीएस (ञ्जष्ठस्) काटा जाता है। अगर आपकी कुल आय कर योग्य मूल छूट सीमा से कम है, तो आप बैंक या पोस्ट ऑफिस में फॉर्म 15॥ जमा करके इस टीडीएस की कटौती से बच सकते हैं।
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