कटनी 21 Feb, (Rns): क्या आपने कभी किसी खूंखार जंगली जानवर को भगवान की भक्ति करते देखा है? अगर नहीं, तो मध्य प्रदेश के कटनी जिले से सामने आया एक हैरान कर देने वाला वीडियो आपको अचरज में डाल देगा। ढीमरखेड़ा तहसील के अंतर्गत आने वाले सडार के जंगलों में एक बाघ को भगवान भोलेनाथ के शिवलिंग पर अपना सिर रगड़ते हुए देखा गया है। ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो वह महादेव से कुछ मांग रहा हो या उनके समक्ष नतमस्तक हो रहा हो। वन्यजीव और आस्था के इस अनोखे संगम का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है।
बड़े ही शांत स्वभाव से शिवलिंग के पास पहुंचा बाघ
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, यह दुर्लभ और अद्भुत नजारा बीते बुधवार की देर शाम का बताया जा रहा है। सडार ग्राम के समीप स्थित इस घने जंगल में महादेव का एक प्राचीन शिवलिंग स्थापित है। वायरल हो रहे इस वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि जंगल का राजा माने जाने वाला बाघ बड़े ही शांत स्वभाव से शिवलिंग के पास पहुंचता है। इसके बाद वह काफी देर तक शिवलिंग पर अपना सिर और जीभ रगड़ता रहता है। यह दृश्य देखकर हर कोई हैरान है।
भक्ति या विज्ञान, क्या कहते हैं वन अधिकारी
सडार और उसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में बाघों और अन्य जंगली जानवरों की मौजूदगी कोई नई बात नहीं है। वन विभाग के अधिकारियों और स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस पूरे क्षेत्र में वन्यप्राणियों का मूवमेंट अक्सर बना रहता है। हालांकि, इंसानी बस्तियों के इतने करीब आकर एक बाघ का इस तरह का शांत व्यवहार पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। जहां आम लोग और श्रद्धालु इसे चमत्कार और बाघ की शिवभक्ति से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं वन अधिकारियों का वैज्ञानिक दृष्टिकोण इसके उलट है। अधिकारियों का मानना है कि बाघ और अन्य जंगली जानवर अक्सर अपने इलाके की पहचान के लिए गंध छोड़ने या शरीर की खुजली मिटाने के लिए पत्थरों या ठोस वस्तुओं पर अपना सिर और शरीर रगड़ते हैं।
इलाके में दहशत का माहौल, वन विभाग ने जारी किया अलर्ट
इस घटना के बाद जहां एक ओर लोग इस वीडियो को चमत्कार मानकर लगातार शेयर कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सडार और आसपास के ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल भी व्याप्त हो गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पान उमरिया रेंज के अधिकारी अजय मिश्रा ने बताया कि यह घटना सडार गांव से महज 400 मीटर की दूरी पर हुई है। वन विभाग की गश्ती टीम निरंतर बाघ के मूवमेंट पर नजर बनाए हुए है। इसके साथ ही सुरक्षा की दृष्टि से ग्रामीणों को जंगल की तरफ बिल्कुल ना जाने और पूरी तरह से सतर्क व सावधान रहने की सख्त हिदायत दी गई है।

