रायपुर 21 फरवरी 2026 (आरएनएस) ग्रामीण क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए रायपुर ग्रामीण पुलिस ने होटल, लॉज और ढाबा संचालकों के साथ सख्त और स्पष्ट संवाद किया। 21 फरवरी 2026 को पुलिस अधीक्षक रायपुर ग्रामीण श्वेता श्रीवास्तव के निर्देशन में थाना माना, मंदिर हसौद और आरंग क्षेत्र के होटल-लॉज संचालकों की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजपत्रित अधिकारी, संबंधित थाना प्रभारी और बड़ी संख्या में संचालक मौजूद रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य साफ था—क्षेत्र में अपराधों पर लगाम कसना और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि होटल और लॉज केवल व्यवसायिक स्थल नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था की अहम कड़ी भी हैं। इसलिए हर आने-जाने वाले व्यक्ति की पहचान और गतिविधियों पर नजर रखना संचालकों की जिम्मेदारी है।
अधिकारियों ने निर्देश दिए कि होटल में ठहरने वाले प्रत्येक अतिथि का वैध पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट अनिवार्य रूप से लिया जाए और साथ आए सभी लोगों के मोबाइल नंबर भी दर्ज किए जाएं। बिना पहचान पत्र किसी को भी कमरा नहीं दिया जाएगा। अतिथियों के मोबाइल नंबर का सत्यापन भी जरूरी बताया गया, क्योंकि कई बार अपराधी गलत नंबर दर्ज कराकर ठहर जाते हैं।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी प्रतिष्ठानों में सीसीटीवी कैमरे सुचारु रूप से चालू रहें और उनकी फुटेज पर्याप्त समय तक सुरक्षित रखने की व्यवस्था हो। होटल में ठहरने वाले प्रत्येक ग्राहक की जानकारी संबंधित थाने को नियमित रूप से भेजी जाए। यदि कोई ग्राहक निजी वाहन से आता है तो वाहन की जानकारी भी दर्ज करना अनिवार्य होगा। संदिग्ध गतिविधि, गुमशुदा व्यक्ति या किसी प्रकार की शंका होने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने के निर्देश दिए गए। इसके लिए होटल संचालकों और पुलिस के बीच व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया गया है, जिससे सूचना का त्वरित आदान-प्रदान हो सके।
बैठक में यह भी साफ कर दिया गया कि किसी भी होटल या ढाबे में शराबखोरी या अवैध गतिविधि की शिकायत मिलने पर आबकारी एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में यह संदेश साफ तौर पर दे दिया गया कि निर्देशों की अवहेलना करने वाले संचालकों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई तय है।
रायपुर ग्रामीण पुलिस का यह कदम स्पष्ट संकेत है कि अब सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा और अपराध रोकथाम में हर संस्थान की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

