नई दिल्ली, 22 फरवरी (आरएनएस)। मैनेजमेंट एजुकेशन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (एमईआरआई) ने छात्र विनिमय कार्यक्रम के अंतर्गत उज़्बेकिस्तान के द यूनिवर्सिटी ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशंस ऑफ उज़्बेकिस्तान के तीन छात्रों का स्वागत किया। यह कार्यक्रम दोनों संस्थानों के बीच हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत आयोजित किया गया।इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य दोनों विश्वविद्यालयों के छात्रों एवं संकाय सदस्यों के लिए शैक्षणिक सहयोग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान तथा वैश्विक अनुभव को बढ़ावा देना है। यह पहल भारत और उज़्बेकिस्तान के बीच अंतरराष्ट्रीय सहयोग तथा शैक्षिक संबंधों को सुदृढ़ करने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है। कार्यक्रम के अंतर्गत बुल्ताकोवा सरवारा नुरकोबिलकिज़ी, नुसरद्दीनोवा दिलनोज़ा पोल्वोनकिज़ी और इस्राइलोवा अज़ीसा अब्दिनाबिकिज़ी एक सप्ताह के शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान हेतु एमईआरआई पहुँचे। अपने प्रवास के दौरान उन्होंने विभिन्न शैक्षणिक सत्रों में सक्रिय भागीदारी की, संकाय सदस्यों से संवाद किया तथा विभिन्न विभागों के भारतीय छात्रों के साथ विचार-विमर्श किया। आगंतुक छात्रों को भारत की उच्च शिक्षा प्रणाली से परिचित कराया गया, विशेष रूप से मीडिया अध्ययन एवं पत्रकारिता की समकालीन पद्धतियों पर जोर दिया गया। कक्षा चर्चाओं, संवादात्मक सत्रों और व्यावहारिक शिक्षण मॉड्यूल के माध्यम से उन्हें आधुनिक संचार रणनीतियों, डिजिटल मीडिया के रुझानों तथा भारत में पत्रकारिता शिक्षा के बदलते स्वरूप की जानकारी प्राप्त हुई। इस विनिमय कार्यक्रम ने भारतीय और उज़्बेक छात्रों के बीच सार्थक संवाद को प्रोत्साहित किया, जिससे दोनों पक्षों को अपने अनुभव और दृष्टिकोण साझा करने का अवसर मिला। शैक्षणिक गतिविधियों के अतिरिक्त, सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी आपसी संबंधों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। छात्रों ने एमईआरआई के वार्षिक दो दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव ‘ला’कर्मेस’ में उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिसमें रंगारंग प्रस्तुतियाँ, रचनात्मक प्रतियोगिताएँ और बहुसांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। विनिमय कार्यक्रम की एक छात्रा नुसरद्दीनोवा दिलनोज़ा पोल्वोनकिज़ी ने नृत्य प्रस्तुति देकर समारोह में अंतरराष्ट्रीय रंग भर दिया और दर्शकों की सराहना प्राप्त की। एमईआरआई के संकाय सदस्यों और छात्रों ने अतिथि प्रतिनिधियों का गर्मजोशी से स्वागत किया और ऐसे विनिमय कार्यक्रमों को युवा विद्यार्थियों में वैश्विक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में निरंतर सहयोग से दोनों संस्थानों के बीच साझेदारी और अधिक मजबूत होगी। यह दौरान प्रमाण-पत्र वितरण समारोह और सांस्कृतिक संवाद सत्र के साथ संपन्न हुआ, जो दोनों संस्थानों के बीच वैश्विक शैक्षणिक सहभागिता और दीर्घकालिक सहयोग की दिशा में एक सफल कदम सिद्ध हुआ।

