रायपुर, 23 फरवरी (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री और कांग्रेस विधायक कवासी लखमा सोमवार को करीब एक साल बाद पहली बार विधानसभा सत्र में नजर आए। शराब घोटाला मामले में जेल से बाहर आने के बाद उनकी यह पहली सदन उपस्थिति रही।
विधानसभा पहुंचने पर लखमा ने विभिन्न दलों के विधायकों से मुलाकात की। इस दौरान भाजपा विधायकों द्वारा उनका आत्मीय स्वागत किया गया, जिसने सभी का ध्यान खींचा।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने उन्हें अंतरिम जमानत के आधार पर सीमित शर्तों के साथ सत्र में शामिल होने की अनुमति दी है। चूंकि मामले की जांच अभी जारी है, इसलिए उन्हें सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और संवैधानिक नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।
=इन शर्तों के साथ मिली अनुमति=
लखमा सदन में किसी भी प्रकार का भाषण नहीं दे सकेंगे
अपने मामले से जुड़ा कोई सार्वजनिक बयान नहीं देंगे
उनकी उपस्थिति केवल बजट सत्र तक सीमित रहेगी
सत्र के दौरान किसी अन्य कार्यक्रम में भाग नहीं ले सकेंगे
अपने क्षेत्र का दौरा करने की भी अनुमति नहीं होगी
आने-जाने की जानकारी विधानसभा सचिव को देना अनिवार्य होगा
यदि किसी भी नियम का उल्लंघन होता है, तो उनकी अनुमति तत्काल रद्द की जा सकती है। हालांकि, उन्हें अपने हिस्से की चर्चा में सीमित रूप से भाग लेने की छूट दी गई है।
गौरतलब है कि प्रवर्तन निदेशालय (श्वष्ठ) ने कवासी लखमा को 25 जनवरी 2025 को गिरफ्तार किया था। लगभग एक वर्ष तक जेल में रहने के बाद सुप्रीम कोर्ट से 3 फरवरी को अंतरिम जमानत मिलने पर वह रिहा हुए।
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