जगदलपुर, 23 फरवरी (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक और प्राकृतिक वैभव के प्रतीक बस्तर जिले में संयुक्त राष्ट्र से संबद्ध अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ और हिवा कोचिंग एंड कंसल्टिंग की संस्थापक एवं सीईओ सुकिर्सी ह्यवैरिनेन के जगदलपुर आगमन पर मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पर आत्मीय स्वागत किया गया, जहां जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनकी अगवानी की। एयरपोर्ट पर हुए इस गर्मजोशी भरे स्वागत ने न केवल अतिथि देवो भव: की परंपरा को जीवंत किया, बल्कि यह संकेत भी दे दिया कि बस्तर अब अंतरराष्ट्रीय पर्यटन के मानचित्र पर अपनी चमक बिखेरने के लिए पूरी तरह तैयार है। ?सुकिर्सी का यह छह दिवसीय प्रवास, जो 23 से 28 फरवरी तक चलेगा, मुख्य रूप से ग्राम धुड़मारास और उसके आसपास के क्षेत्रों को विश्व स्तरीय पर्यटन मानकों के अनुरूप ढालने पर केंद्रित है। जिला प्रशासन बस्तर और छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के समन्वय से आयोजित इस महत्वपूर्ण यात्रा का उद्देश्य स्थानीय पर्यटन को ऑन-साइट मेंटरशिप और सूक्ष्म योजना कार्य के माध्यम से नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। एयरपोर्ट पर हुए स्वागत समारोह के पश्चात अपने भ्रमण की शुरुआत करते हुए सुकिर्सी विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात की भव्यता को निहारेंगी और धुड़मारास में आयोजित होने वाली पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लेंगी। इस प्रवास के दौरान वे धुरवा डेरा होमस्टे में रुककर स्थानीय जीवनशैली, परंपराओं और बस्तरिया खान-पान का प्रत्यक्ष अनुभव भी करेंगी। अपनी इस यात्रा के दौरान सुकिर्सी न केवल बस्तर के सुरम्य प्राकृतिक सौंदर्य का अवलोकन करेंगी, बल्कि स्थानीय हितधारकों, ग्रामीणों और हस्तशिल्पियों के साथ सीधा संवाद कर पर्यटन के नए अवसरों की पहचान भी करेंगी। उनके कार्यक्रम में बांस हस्तशिल्प कारीगरों के साथ तकनीकी चर्चा, कोटमसर गुफा और तीरथगढ़ जलप्रपात का भ्रमण तथा कयाकिंग व राफ्टिंग जैसी साहसिक गतिविधियों का तकनीकी मूल्यांकन शामिल है। विशेष रूप से वे स्थानीय समुदायों को यूनाइटेड नेशंस बेस्ट टूरिज्म विलेज अपग्रेड प्रोग्राम की बारीकियों से अवगत कराएंगी और सतत ग्रामीण विकास के लिए राष्ट्रीय व क्षेत्रीय पर्यटन ढांचे पर अपनी विशेषज्ञ राय साझा करेंगी। यह भ्रमण बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने के साथ-साथ यहां के युवाओं और महिलाओं के लिए स्वरोजगार और आर्थिक समृद्धि के नए द्वार खोलने में मील का पत्थर साबित होगा।
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