लखनऊ 23 फरवरी (आरएनएस )समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि संत गाडगे महाराज का जीवन सामाजिक न्याय, स्वच्छता और शिक्षा के प्रति समर्पित रहा। उन्होंने दलितों, पीडि़तों और वंचित वर्गों की सेवा को ही अपना धर्म माना और समाज में फैले पाखंड तथा अंधविश्वास के विरुद्ध कीर्तन के माध्यम से जागरूकता फैलायी। उन्होंने विद्यालयों, धर्मशालाओं, अनाथालयों और आश्रमों की स्थापना कर समाज सेवा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया।अखिलेश यादव ने कहा कि संत गाडगे मायामोह से दूर रहकर दरिद्र नारायण की सेवा को ही सच्ची मानव सेवा मानते थे। वे पिछड़ों, दलितों और गरीबों के मसीहा थे। हाथ में झाड़ू लेकर स्वच्छता का संदेश देने वाले संत गाडगे को स्वच्छता का जनक भी कहा जाता है। उन्होंने सामाजिक समरसता और समानता का जो संदेश दिया, वह आज भी प्रासंगिक है।संत गाडगे महाराज की जयंती के अवसर पर राजधानी लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय सहित प्रदेश के सभी जनपदों में सादगी के साथ कार्यक्रम आयोजित किए गए। पार्टी कार्यालय में संत गाडगे महाराज के चित्र पर अखिलेश यादव की ओर से राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र चौधरी ने माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल तथा पूर्व सांसद अरविन्द कुमार सिंह ने भी पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया।इस अवसर पर बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और विभिन्न प्रकोष्ठों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। वक्ताओं ने संत गाडगे महाराज के जीवन और उनके सामाजिक योगदान पर प्रकाश डालते हुए उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में उपस्थित नेताओं ने कहा कि संत गाडगे का जीवन त्याग, सेवा और स्वच्छता का संदेश देता है तथा समाज को समानता और भाईचारे की दिशा में आगे बढऩे की प्रेरणा देता है।कार्यक्रम का समापन संत गाडगे महाराज के बताए मार्ग पर चलने और सामाजिक न्याय, स्वच्छता तथा शिक्षा के प्रसार के लिए निरंतर कार्य करने के संकल्प के साथ हुआ।

